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फरीदाबाद, 23 सितंबर।
पेंशनभोगियों की लंबित मांगों को लेकर देशभर में आंदोलन तेज किया जाएगा। इसी कड़ी में 29-30 सितंबर को सभी जिला मुख्यालयों पर 24 घंटे का पड़ाव आयोजित किया जाएगा। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने कहा कि पेंशनभोगियों की जायज मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है और पुरानी पेंशन स्कीम से छेड़छाड़ करने के प्रयास किए जा रहे हैं। 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के टर्म ऑफ रेफरेंस में यह स्पष्ट रूप में दिखाई दे रहा है। पेंशन वेलीडेशन एक्ट पारित कर पेंशन रिवीजन का अधिकार भी समाप्त कर दिया गया है। पेंशनर्स की अन्य अत्यंत जायज़ मांगों की लगातार अनदेखी के कारण पेंशनर्स को आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। लांबा ने यह आरोप बुधवार को नगर निगम मुख्यालय पर आयोजित रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा की जिला कमेटी की बैठक को संबोधित करते हुए लगाया। बैठक की अध्यक्षता जिला प्रधान नवल सिंह नरवत ने की। जिला सचिव लज्जा राम द्वारा संचालित इस बैठक में अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन के राष्ट्रीय महासचिव एवं रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान वजीर सिंह व उपाध्यक्ष यूएम खान भी मौजूद थे।
रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा की जिला कमेटी के प्रेस प्रवक्ता सतपाल नरवत ने बताया कि राज्य प्रधान वजीर सिंह ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि
पेंशन कोई खैरात नहीं बल्कि कर्मचारियों की वर्षों की सेवा का संवैधानिक अधिकार है। पेंशन व्यवस्था में लगातार किए जा रहे बदलावों और पेंशनभोगियों के हितों की अनदेखी को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने पीएफआरडीए एक्ट/एनपीएस/यूपीएस समाप्त कर पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के टर्म ऑफ रेफरेंस में 1 जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त हुए सरकारी कर्मचारियों की पेंशन संशोधन को शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने वेतन आयोग की सिफारिशों में होने वाली देरी को देखते हुए पेंशनभोगियों को तत्काल अंतरिम राहत देने और 18 महीने के बकाया डीए डीआर का भुगतान करने की मांग की।
रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा के उपाध्यक्ष यूएम खान ने डीए / डीआर के 50 प्रतिशत हिस्से को मूल वेतन एवं पेंशन में मर्ज करने, कम्यूटेशन की 10 वर्ष 8 माह बाद बहाली तथा पेंशन में समानता सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनभोगियों के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करते हुए कैशलेस चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की जाए। 65 से 75 वर्ष की आयु तक प्रत्येक पांच वर्ष में पेंशन में 10 प्रतिशत तथा 80 वर्ष के बाद प्रत्येक पांच वर्ष में 20 प्रतिशत वृद्धि करने की मांग भी रखी गई है।
फरीदाबाद जिला कमेटी ने लिया पड़ाव सफल बनाने का संकल्प
जिला प्रधान नवल सिंह नरवत, सचिव लज्जा राम व प्रेस प्रवक्ता सतपाल नरवत ने बताया कि बैठक में 29-30 सितंबर के 24 घंटे के पड़ाव की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। जिला कमेटी ने पड़ाव को सफल बनाने तथा अधिक से अधिक पेंशन भोगियों की भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प लिया। उन्होंने बताया की 29-30 सितंबर का पड़ाव आंदोलन का पहला चरण है। इसके बाद 12 दिसंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल रैली तथा 13 दिसंबर को राज्य एवं केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों का संयुक्त सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
बैठक में अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा, रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रधान वजीर सिंह,उप प्रधान यूएम खान,सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान करतार सिंह जागलान, पूर्व प्रधान अशोक कुमार, पूर्व सेकेट्री युद्धवीर सिंह, कोषाध्यक्ष खजान सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अमर सिंह, आडिटर श्रीपाल सिंह भाटी,उप प्रधान जयपाल, जितेन्द्र मोर,ब्लाक प्रधान शाब्बीर खान, रत्ती राम व बलबीर सिंह आदि मौजूद थे।


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