फरीदाबाद के बीके अस्पताल में पीपीपी मॉडल पर चल रहा मेडिट्रीना ग्रुप का हार्ट सेंटर एक बार फिर बंद हो गया है। 5 महीने पहले कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल के द्वारा इसका शुभारंभ किया गया था। सेंटर बंद होने के बाद वहां रखी मशीनें और अन्य सामान बाहर ले जाने की कोशिश की गई।
स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी मिली तो अधिकारियों ने पुलिस को मौके पर बुलाकर सामान ले जाने से रोक दिया। स्वास्थ्य विभाग ने पूरे मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी है।
बताया गया कि हार्ट सेंटर से चिकित्सा उपकरण और मशीनें दो ट्रकों में लादी जा रही थीं। इसकी सूचना मिलने पर वकील संजय गुप्ता मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने दोनों ट्रकों को रुकवा दिया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि करोड़ों रुपए की महंगी मशीनें बिना विभागीय अनुमति के अस्पताल से बाहर ले जाई जा रही थीं।
मेडिट्रीना की ओर से जुड़े कर्मचारी मंजीत का कहना है कि कंपनी का करीब 8.5 करोड़ रुपए का भुगतान लंबे समय से अटका हुआ है। उनका दावा है कि इस संबंध में 21 जुलाई को सीएमओ, डीजीएचएस और अन्य अधिकारियों को पत्र दिया गया था।
कंपनी का कहना है कि भुगतान को लेकर कई बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन अभी तक समाधान नहीं हुआ है। इसी वजह से सामान को वापस मुख्य कार्यालय भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई।

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