//# Adsense Code Here #//
आरटीई दाखिले के मामले में स्कूल प्रबंधक शिक्षा विभाग के आदेश के बाद अब कोर्ट के आदेश को भी नहीं मान रहे हैं। परमानेंट लोक अदालत ने 3 जुलाई को छात्र कार्तिक के हित में फैसला सुनाते हुए ग्रैंड कोलंबस मैनेजमेंट को आदेश दिया था कि छात्र को एक हफ्ते के अंदर आरटीई कोटे से दाखिला दिया जाए। इसके साथ ही कोर्ट ने शिक्षा विभाग के आदेश न मानने पर स्कूल पर ₹50000 का जुर्माना भी लगाया था। हरियाणा अभिभावक एकता मंच के जिला अध्यक्ष एडवोकेट शिवकुमार
जोशी व जिला महासचिव एडवोकेट बीएस बिरदी ने कहा है कि जब छात्र कोर्ट के आदेश की कॉपी लेकर स्कूल में दाखिला लेने के लिए गया तो स्कूल प्रिंसिपल ने दाखिला देने से स्पष्ट मना कर दिया। इसकी शिकायत जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में की गई। डीईईओ ने स्कूल को पत्र लिखकर दाखिला देने के लिए कहा। तब भी स्कूल ने दाखिला नहीं दिया। डीईईओ ने अब 26 अगस्त को रिमाइंडर भेज कर स्कूल से दाखिला स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। मजबूर होकर छात्र ने मंच के प्रदेश लीगल एडवाइजर एडवोकेट बीएस बिरदी के माध्यम से ग्रैंड कोलंबस के खिलाफ़ एक्ज़ीक्यूशन पेटिशन (इज़रा) दायर किया है। जिसकी सुनवाई माननीय कोमल दहिया जी की अदालत में 29 अगस्त को होगी।
मंच के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट ओपी शर्मा ने कहा है कि मुख्यमंत्री शिक्षामंत्री सांसद विधायक व सभी अफसर निजी स्कूल संचालकों कोष संरक्षण प्रदान कर रहे हैं इनकी हर संभव मदद करते हैं इसी के चलते इनके हौंसले बुलंद हैं। छात्र कार्तिक के पिता पॉप सिंह बच्चे का दाखिला ना होने से बहुत परेशान और दुखी है

No comments :