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हरियाणा में खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी व घटिया गुणवत्ता पर पिछले चार महीने में कड़ी कार्रवाई की गई है। सबसे अधिक कार्रवाई जमाखोरी के मामलों में हुई, जबकि कालाबाजारी और घटिया गुणवत्ता के मामलों में भी लाइसेंस रद्द और कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। राज्य में एक अप्रैल से 24 जुलाई तक कुल 494 जगहों पर छापे मारे गए। इस दौरान 50 लाइसेंस निलंबित या रद्द किए गए। 42 दुकानदारों को कारण
बताओ नोटिस जारी किया गया और आठ एफआईआर दर्ज की गई हैं। यह जानकारी केंद्र सरकार ने मानसून सत्र के दौरान दी।
आंकड़ों के अनुसार, कालाबाजारी के मामलों में 8 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए और 7 लाइसेंस रद्द या निलंबित किए गए। इस श्रेणी में कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई। जमाखोरी के खिलाफ सबसे सख्त कार्रवाई की गई। इस दौरान 22 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, 31 लाइसेंस रद्द या निलंबित किए गए और 6 एफआईआर दर्ज की गईं। सभी श्रेणियों में सबसे अधिक लाइसेंस इसी मामले में रद्द या निलंबित हुए।
घटिया गुणवत्ता वाली खाद के मामलों में 9 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए और 6 लाइसेंस रद्द या निलंबित किए गए। हालांकि इन मामलों में भी कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई। वहीं ,उर्वरकों के डायवर्जन (निर्धारित उपयोग के बजाय दूसरी जगह भेजने) को रोकने के लिए 3 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, 6 लाइसेंस रद्द या निलंबित किए गए और 2 एफआईआर दर्ज की गईं। कार्रवाई के दौरान बोरों के रूप में कोई भी खाद जब्त नहीं की गई। जब्त सामग्री की मात्रा शून्य दर्ज की गई है।
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