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फरीदाबाद। हरियाणा को नशामुक्त बनाने के संकल्प को साकार करने की दिशा में शनिवार को हरियाणा पुलिस अकादमी, मधुबन (करनाल) के सभागार में 'एक पुलिस, एक संकल्प- ड्रग्स मुक्त हरियाणा' विषय पर प्रदेशभर के थाना प्रभारियों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में हरियाणा के माननीय मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) श्री राजपाल सिंह, पुलिस महानिदेशक हरियाणा श्री अजय सिंघल, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, प्रदेश के सभी जिलों के थाना प्रभारी तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि हरियाणा पुलिस के कंधों पर केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि समाज की आत्मा की रक्षा करने का भी महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के साथ-साथ समाज के विश्वास की भी रक्षा करती है और यही विश्वास पुलिस की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि पुलिस की वर्दी सेवा, त्याग, अनुशासन, ईमानदारी और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है तथा प्रत्येक पुलिसकर्मी को इन मूल्यों को अपने कार्यों में प्रतिबिंबित करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार 'हरियाणा उदय' अभियान के अंतर्गत नशे के विरुद्ध व्यापक जनजागरण और प्रभावी कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस और समाज के संयुक्त प्रयासों से कोई एक व्यक्ति भी नशे के दलदल से बाहर निकलता है तो यह केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे परिवार का भविष्य बचाने जैसा है। एक स्वस्थ और नशामुक्त परिवार ही सशक्त समाज तथा विकसित राष्ट्र की नींव होता है।
उन्होंने कहा कि जब किसी बेटी की सुरक्षा, किसी परिवार की सहायता अथवा किसी युवक को अपराध और नशे से बचाने की बात आती है तो आम नागरिक सबसे पहले पुलिस की ओर आशा भरी निगाहों से देखते हैं। इसलिए प्रदेश का प्रत्येक थाना केवल कानून-व्यवस्था लागू करने का केंद्र ही नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का भी केंद्र बनना चाहिए। थाना स्तर पर जनसहभागिता बढ़ाई जाए तथा समाज के प्रत्येक वर्ग को नशामुक्त हरियाणा अभियान से जोड़ा जाए।
मुख्यमंत्री ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नशा तस्करों के विरुद्ध लगातार और प्रभावी अभियान चलाएं। स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों तथा अन्य शिक्षण संस्थानों में नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया जाए। इसके साथ ही नशे के आदी व्यक्तियों की पहचान कर उनका उपचार, परामर्श और पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए, ताकि वे सामान्य जीवन में वापस लौट सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज नशे का कारोबार केवल सीमावर्ती क्षेत्रों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि आधुनिक तकनीक, सोशल मीडिया, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और संगठित अपराध के माध्यम से युवाओं तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में हरियाणा पुलिस को भी तकनीकी रूप से आधुनिक, सक्षम, सतर्क और सक्रिय बनना होगा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि केवल नशा तस्करों की गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित न रहे, बल्कि उनके पूरे नेटवर्क, आर्थिक स्रोतों और आपूर्ति श्रृंखला को भी पूरी तरह ध्वस्त किया जाए।
संवाद कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए थाना प्रभारियों एवं निरीक्षकों ने अपने-अपने अनुभव/सुझाव साझा किए तथा नशा नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाने के संबंध में सुझाव भी प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री ने सभी सुझावों को गंभीरता से सुना तथा उन्हें व्यवहारिक रूप से लागू करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार और पुलिस मिलकर नशे के विरुद्ध इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देंगे।


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