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कल प्रदेश स्वास्थ्य मंत्री के रेवाड़ी स्थित पैतृक आवास पर स्वास्थ्य कर्मचारियों का धरना

Posted by : pramod goyal on : Saturday, 4 July 2026 0 comments
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 फरीदाबाद 4 जुलाई (             )              प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य कर्मचारियों की मांगों के प्रति उदासीन रवैया अपनाए जाने से स्वास्थ्य कर्मीयों में भारी आक्रोश फैल गया है। इस अनदेखी के खिलाफ उन्होंने अपने आंदोलन को


और तेज करने का निर्णय लिया है। बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन  ने कल 5 जुलाई को प्रदेश स्वास्थ्य मंत्री श्रीमती आरती राव के रेवाड़ी स्थिति  पैतृक आवास रामपुरा हाउस पर धरना देने का निर्णय किया है। आंदोलन की तैयारियों को लेकर कर्मचारियों ने सीएससी, पीएचसी और सब सेंटर स्तर पर सघन गेट मीटिंग की है। जहां प्रदेश स्तर पर ऐसोसिएशन की पूर्व प्रधान श्रीमती आशा शर्मा एवं पूर्व जिला प्रधान श्री जितेन्द्र मोर ने फरीदाबाद, पलवल,मेवात और झज्जर जिले का दौरा कर कर्मचारियों को धरने में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया। वहीं जिला स्तर पर जिला प्रधान श्रीमती सविता, सचिव श्री श्याम बीर, कैशियर श्री अजय प्रजापति, उप प्रधान श्री कपिल वर्मा,प्रेस सचिव श्री हितेश, श्री घनश्याम, श्रीमती शशि, श्री मती उर्मिला आदि नेताओं नें सभी पीएचसी, सीएचसी,उप स्वास्थ्य केन्द्र,अरबैन डिस्पेंसरियों पर गेट मीटिंग कर भारी संख्या में रेवाड़ी पहुंचने का आह्वान किया ।इन नेताओं ने  बताया कि एन एच एम स्वास्थ्य कर्मियों की सेवाएं नियमित करने और सातवें वेतन तन आयोग की सिफारिश के अनुसार वेतन, ग्रैच्युटी, सरकारी छुट्टी यात्रा भत्ता , वर्दी भत्ता  आदि सुविधाएं प्रदान करने, नियमित कर्मचारियों को 4200/ का ग्रेड पे देने, वेतन विसंगति दूर करने,बढ़ी आबादी के अनुपात में ने पद सृजित कर उन्हें नियमित भर्ती से भरने, राजस्थान की तर्ज पर  यहां भी सेवा नियमावली लागू करने, मंहगाई भत्ते की एरियर देने , जैसी दर्जनों मांगे हैं जिन के प्रति स्वास्थ्य विभाग आंखों पर पट्टी बांध रखा है ‌। मीटिंग की तैयारियों की समीक्षा करने  के लिए बुलाई गई बैठक में बताया गया कि  उनकी मांगों के प्रति सरकार का रवैया उदासीन है और अब उनके समक्ष आंदोलन के अलावा और कोई चारा नहीं बचा है। उन्होंने बताया कि अगर सरकार फिर भी नहीं चेती तो उसे और उग्र आन्दोलन के लिए तैयार रहना होगा। और यदि स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराती है तो उसकी जवाबदेही सरकार की होगी।

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