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ऑनलाइन पोर्टलों के नाम पर कर्मचारियों को धमकाना बंद करे विभाग : सविता देवी

Posted by : pramod goyal on : Sunday, 12 July 2026 0 comments
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 बहु उद्देश्यीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन हरियाणा ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में ऑनलाइन स्वास्थ्य पोर्टलों के संचालन को लेकर कर्मचारियों पर बनाए जा रहे अनावश्यक दबाव एवं धमकी भरे पत्राचार पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसका कड़ा विरोध किया है।

एसोसिएशन की जिला फरीदाबाद कीअध्यक्ष सविता देवी,सचिव श्यामवीर सिंह एवं जिला फरीदाबाद के प्रेस सचिव हितेश शर्मा व कपिल वर्मा ने बताया कि एसोसिएशन द्वारा पूर्व में ही सरकार एवं विभाग को स्पष्ट रूप से अवगत कराया जा चुका है कि जब तक ऑनलाइन कार्य के लिए आवश्यक मानव संसाधन, तकनीकी सुविधाएं तथा व्यवहारिक समस्याओं का स्थायी समाधान न

हीं किया जाता, तब तक ऑनलाइन कार्य का बहिष्कार जारी रहेगा तथा लगातार 25 अक्टूबर 2025 से यह बहिष्कार जारी है इसके बावजूद विभिन्न जिलों में कर्मचारियों को सेवा समाप्त करने, वेतन रोकने तथा अन्य प्रशासनिक कार्रवाई की चेतावनी देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है, जो पूर्णतः अनुचित एवं कर्मचारी हितों के विपरीत है बल्कि अघोषित मानसिक शोषण की तरह है।

जिला फरीदाबाद के सचिव श्यामवीर सिंह ने कहा कि कर्मचारियों को भय और दबाव में रखकर कार्य करवाने का प्रयास किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। विभाग को चाहिए कि पहले ऑनलाइन प्रणाली से जुड़ी व्यावहारिक कठिनाइयों का समाधान करे तथा आवश्यक कंप्यूटर स्टाफ और तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराए। कर्मचारियों को धमकाने से समस्याओं का समाधान नहीं होगा।
एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि ऑनलाइन पोर्टलों एवं कंप्यूटर आधारित कार्य एवं शैक्षणिक योग्यता एम पी एच डब्ल्यू कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया, जॉब रिस्पॉन्सिबिलिटी एवं सेवा नियमों का हिस्सा नहीं हैं सरकार को चाहिए कि हजारों बेरोजगार कंप्यूटर डिप्लोमा धारक सक्षम युवाओं को रोजगार प्रदान करते हुए ऑनलाइन पोर्टलों का संचालन करवाया जाए।
एम पी एच डब्ल्यू वर्ग प्रदेश के अनेक जिलों में खाली पदों के बावजूद सरकारी योजनाओ को चला रहे है ।  
एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य), महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं, मिशन निदेशक एनएचएम तथा संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि कर्मचारियों के सम्मान एवं स्वास्थ्य सेवाओं के हित में इस विषय पर तत्काल सकारात्मक निर्णय लिया जाए एवं प्रदेश भर में किए जा रहे धमकी भरे पत्राचार पर तुरंत रोक लगाई जाए अन्यथा कर्मचारियों में बढ़ते असंतोष की समस्त जिम्मेदारी विभाग एवं सरकार की होगी।

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