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फरीदाबाद: नेहरू कालोनी ओर अन्य कालोनियों में तोड़फोड़ की आगे कोई कार्यवाही नहीं होगी।
उक्त बात कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल के भाई अशोक गोयल ने सैकड़ों प्रदर्शनकारियों का ज्ञापन लेते हुए कही। उन्होंने कहा कि मंत्री जी ने 27 जुलाई को भी आपके बीच आकर कहा था कि आगे कोई तोड़फोड़ नहीं होगी। अभी भी उन्होंने कहा कि जब तक सरकार की कोई पॉलिसी बनकर आपके सामने नहीं आती तब तक किसी के मकान को हाथ तक नहीं लगाया जाएगा। तोड़फोड़ की बात तो दूर। सरकार व मंत्री के आश्वासन के बाद नेहरू कालोनी बचाओ संघर्ष समिति ने अपना आंदोलन एक बार के लिए स्थगित कर दिया है। समिति ने 16 जुलाई को उन सब परिवारों को नगर निगम कार्यालय पर सुबह 10 बजे बुलाया है जिनके मकान तोड़े गए हैं। उन सभी के मकानों के मुआवजे के लिए कागज दाखिल किए जाएंगे।
उधर ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन हरियाणा के पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट की चार सदस्यीय सदस्यीय टीम ने फरीदाबाद की नेहरू कालोनी
का दौरा किया और पीड़ित परिवारों से बातचीत की। इस टीम में एडवोकेट रणधीर सिंह साथी, राजविंदर सिंह चंदी, कुलदीप सिंह राणा, शिव कुमार जोशी शामिल थे।। उन्होंने नेहरू कालोनी संघर्ष समिति द्वारा आयोजित कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल के यहां प्रदर्शन कार्यक्रम में शिरकत की व प्रदर्शन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कोई भी सरकार संविधान और जनता से ऊपर नहीं है। जमीन की मलकीयत के कानून हैं, सुप्रीम कोर्ट के फैसले हैं , जिनमें निजी जमीन पर कब्जे पर 12 साल में और सरकार की जमीन पर 30 साल यदि कोई रह रहा है तो वह उसका मालिक बन जाता है। उन्होंने सरकार और नगर निगम की कार्यवाही को पूरे तौर पर गैरकानूनी बताया। उन्होंने कहा प्राकृतिक न्याय का भी तकाजा है कि हजारों परिवारों को कोई सरकार ऐसे ही नहीं उजाड़ सकती। उन्होंने नेहरू कालोनी और अन्य कालोनियों के तमाम परिवारों को आश्वत किया कि हम आपके लिए न्याय की लड़ाई लड़ेंगे और सुप्रीम कोर्ट तक जरूरत पड़ी तो जाएंगे। कालोनी को उजड़ने नहीं देंगे।
का दौरा किया और पीड़ित परिवारों से बातचीत की। इस टीम में एडवोकेट रणधीर सिंह साथी, राजविंदर सिंह चंदी, कुलदीप सिंह राणा, शिव कुमार जोशी शामिल थे।। उन्होंने नेहरू कालोनी संघर्ष समिति द्वारा आयोजित कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल के यहां प्रदर्शन कार्यक्रम में शिरकत की व प्रदर्शन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कोई भी सरकार संविधान और जनता से ऊपर नहीं है। जमीन की मलकीयत के कानून हैं, सुप्रीम कोर्ट के फैसले हैं , जिनमें निजी जमीन पर कब्जे पर 12 साल में और सरकार की जमीन पर 30 साल यदि कोई रह रहा है तो वह उसका मालिक बन जाता है। उन्होंने सरकार और नगर निगम की कार्यवाही को पूरे तौर पर गैरकानूनी बताया। उन्होंने कहा प्राकृतिक न्याय का भी तकाजा है कि हजारों परिवारों को कोई सरकार ऐसे ही नहीं उजाड़ सकती। उन्होंने नेहरू कालोनी और अन्य कालोनियों के तमाम परिवारों को आश्वत किया कि हम आपके लिए न्याय की लड़ाई लड़ेंगे और सुप्रीम कोर्ट तक जरूरत पड़ी तो जाएंगे। कालोनी को उजड़ने नहीं देंगे।
प्रदर्शन को संघर्ष समिति के चेयरमैन बिजेंद्र सिंह, संयोजक वीरेंद्र डंगवाल
सीटू प्रदेश महासचिव जयभगवान, सचिव सुधा, जिला प्रधान निरंतर पराशर, शिव प्रसाद, आदेश नगर के।नेता अली हसन, क्रांतिकारी।मजदूर मोर्चा के सत्यवीर, रिटायर्ड कर्मचारी संघ के नवल सिंह संघर्ष समिति नेताओं लाल सिंह, राजेंद्र देशवाल, पूनम, देवकी, आदि ने भी संबोधित करते हुए सरकार को चेताया कि यदि एक भी मकान तोड़ने के लिए बुलडोजर लाया गया तो उसका प्रतिरोध होगा और वह हमारे शरीर के ऊपर स ही गुजरेगा। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों ने गैरकानूनी ढंग से घरों को तोड़ने की कार्यवाही को अंजाम दिया है, उनके खिलाफ उच्च न्यायालय में अपराधिक मुक़दमे डाले जाएंगे। जिन भी जन प्रतिनिधियों ने इसके लिए आदेश दिए हैं, उन्हें जनता सबक सिखाएगी। तमाम संगठन नेताओं ने कहा है कि सरकार पॉलिसी बनाकर नेहरू कालोनी समेत तमाम मजदूर बस्तियों को नियमित करे। भविष्य में तोड़फोड़ की कार्यवाही नहीं करे।उन्होंने कहा कि यह आंदोलन एक बार स्थगित किया जा रहा है,। यदि सरकार व प्रशासन ने कोई भी जनविरोधी कदम उठाया तो बड़ा आंदोलन होगा जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशाशन होगी।

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