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फरीदाबाद 20 जुलाई -
जंतर मंतर पर भूख हड़ताल में बैठे पर्यावरण विद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शीघ्र रिहा करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के त्यागपत्र की मांग को लेकर आज सीटू और जनवादी महिला समिति के कार्यकर्ताओं ने लघु सचिवालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। इसके बाद दो अलग-अलग ज्ञापन दिए गए। पहले ज्ञापन में नीट की परीक्षा सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपरों के लीक होने के पर रोक लगाने । इसके लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री को जिम्मेदार ठहराया गया। क्योंकि उनकी देखरेख में ही प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं। एक विद्यार्थी साल भर पढ़ता है । और पूरी तैयारी के साथ परीक्षा देता है। बाद में पता चलता है। कि यह पेपर लीक हो गया। इसमें उसकी सारी मेहनत बेकार हो जाती है। जिसके कारण उसे अवसाद का शिकार होना पड़ता है। दूसरा ज्ञापन नेहरू कॉलोनी बचाओ संघर्ष समिति की तरफ से दिया गया। जिसमें नगर निगम प्रशासन पर नेहरू कॉलोनी में बार-बार तोड़फोड़ करने पर रोक लगाने की मांग की गई। दोनों ज्ञापन श्री सुमेर सिंह तहसीलदार फरीदाबाद को सौंप गए। इस मौके पर नेहरू कॉलोनी बचाओ संघर्ष समिति की सदस्या देवकी, चैयरमेन विजेंद्र, कोऑर्डिनेटर वीरेंद्र सिंह डंगवाल, कमेटी सदस्य राम सिंह, सीटू के जिला प्रधान निरंतर पराशर, उपाध्यक्ष शिव प्रसाद, आशा वर्कर यूनियन की जिला प्रधान हेमलता,विजय झा, विशेष रूप से उपस्थित रहे ।पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आज दोनों संगठनों के कार्यकर्ता राजस्थान भवन के सामने एकत्रित हुए। यहां पर एक सभा आयोजित कीजिए इसकी अध्यक्षता सीटू की जिला उपाध्यक्ष हेमलता ने संचालन करते हुए जिला सचिव ने दिल्ली पुलिस पर सोनम वांगचुक को शनिवार की सुबह जंतर - मंतर से उठाकर अस्पताल में भर्ती करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश की सरकार लोकतंत्र में जनता की आवाज को दबाना चाहती है। देश का नौजवान राज्य और केंद्र सरकारों के द्वारा आयोजित की जाने वाली प्रतियोगिता परीक्षाओं में कथित तौर पर हो रही गड़बड़ी के विरोध में संघर्ष कर रहे हैं। आज बेरोजगारी सबसे बड़ी समस्या है।
पढ़े लिखे नौजवान बच्चे रोजगार के तलाश मे दर-दर की ठोकरें खा रहे का रहे हैं। सरकार ने शिक्षा स्वास्थ्य और तमाम सार्वजनिक क्षेत्र का निजीकरण करना शुरू कर दिया है। देश का पढ़ा लिखा युवा वर्ग सरकार से मांग करता है। की उन्हें अपनी प्रतिभा को प्रकट करने का मौका मिलना चाहिए। लेकिन सरकार इस विषय को गंभीरता से नहीं ले रही है। देश- प्रदेश में हर जगह पेपर लीक हो जाते है। छोटी सी छोटी पोस्टों के लिए आयोजित की जाने वाली परीक्षाएं भी लीक हो रही है। ऐसे में इसके लिए जिम्मेदार सरकारी तंत्र है। इस गड़बड़ी को रोकने के लिए आवाज उठाना जरूरी है। लोकतंत्र में अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने का अधिकार है। उसे भी छीना जा रहा है। जंतर मंतर पर आंदोलनकारीयों को बैठने की इजाजत नहीं दी जाती है ।
मौजूदा सरकार वार्तालाप के जरिए समस्याओं का समाधान करने के बजाय दमनकारी नीतियों अपना रही है । इस मौके पर देवीराम, राजू, दिनेशपाली, नरेश पावटा, ओम प्रकाश , विनोद, राजेंद्र देशवाल, ,राम सिंह, संतरा, लक्ष्मी,,सूनीता, धर्म बाई, सुमन, मास्टर श्योराज ,
के पी सिंह ,संगीता, जूली, कुसुम, इंद्रावती भी उपस्थित रहे। जिला अध्यक्ष हेमलता ने बताया कि कल आशा वर्कर अपनी मांगों को लेकर पंचकूला में प्रदर्शन करेंगे। और 27 तारीख को दिल्ली के जंतर मंतर पर होने वाले प्रदर्शन में भी भाग लेंगी।

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