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फरीदाबाद: थाना साइबर एनआईटी की टीम ने शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर ₹95.65 लाख की साइबर ठगी के मामले में कार्रवाई करते हुए एक खाताधारक को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपित की पहचान राहत अंसारी निवासी गांव बंडौहरी, जिला गया (बिहार) के रूप में हुई है। उसे 1 जुलाई 2026 को गया (बिहार) से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस प्रवक्ता अनुसार चार्मवुड विलेज, सूरजकुंड निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी कि 10 फरवरी 2026 को उसके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप संदेश प्राप्त हुआ। संदेश भेजने वाले ने स्वयं को एक प्रतिष्ठित निवेश कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी की सहायक बताते हुए शेयर मार्केट में निवेश का प्रस्ताव दिया। इसके बाद शिकायतकर्ता को कंपनी के नाम से बनाए गए एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया गया, जहां प्रतिदिन शेयर खरीदने-बेचने संबंधी सलाह दी जाती थी। ठगों ने कंपनी का लोगो, मालिक की फोटो तथा एक फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर शिकायतकर्ता का विश्वास जीता और एक लिंक के माध्यम से उसकी निवेश आईडी बनवाई। इसके बाद शिकायतकर्ता ने 12 फरवरी से 16 मार्च 2026 के बीच 10 अलग-अलग ट्रांजैक्शन के माध्यम से कुल ₹95 लाख 65 हजार निवेश कर दिए। जब उसने अपनी राशि निकालने का प्रयास किया तो ठगों ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। शिकायत के आधार पर थाना साइबर एनआईटी में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
पूछताछ में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपित मामले में खाताधारक है। उसने अपने गांव के ही एक व्यक्ति के माध्यम से अपना बैंक खाता कोलकाता जाकर साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था। आरोपित को लगभग 10 दिनों तक कोलकाता में रखा गया, जहां उसके खाते में ठगी की रकम आने के बाद उसे अन्य खातों में ट्रांसफर कर दिया गया। जांच में सामने आया कि आरोपित के खाते में ठगी के ₹10 लाख आए थे।
आरोपित को माननीय न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

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