गुरुग्राम में नगर निगम में लापरवाही और जालसाजी के आरोप सही मिलने पर कमिश्नर ने चार कर्मचारियों को तुरंत प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है। यह कार्रवाई विभागीय जांच, व्यक्तिगत सुनवाई तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की गई।
निगम कमिश्नर प्रदीप दहिया द्वारा जारी आदेशों के अनुसार संबंधित कर्मचारियों पर सेवा नियमों के उल्लंघन, कर्तव्य में लापरवाही, सरकारी कार्यों में बाधा उत्पन्न करने, फर्जी रिकॉर्ड तैयार करने तथा पद का दुरुपयोग करने जैसे गंभीर आरोप सिद्ध पाए गए, जिसके बाद उनकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त करने के आदेश जारी किए गए।
अधिकारियों के मुताबिक विभागीय जांच में पाया गया कि नीरज वशिष्ठ तथा अंकुर अरोड़ा, दोनों कंप्यूटर ऑपरेटर, प्रॉपर्टी आईडी एवं प्रॉपर्टी टैक्स मामलों में निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) से हटकर अनावश्यक एवं अवांछित आपत्तियां लगा रहे थे।
इससे वास्तविक आवेदनों में अनावश्यक देरी हुई तथा आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जांच रिपोर्ट, कारण बताओ नोटिस और व्यक्तिगत सुनवाई के बाद अधिकारियों ने पाया कि दोनों कर्मचारियों के स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं हैं। इसके बाद उनकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त करने के आदेश जारी किए गए।

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