चंडीगढ़ / गुरुग्राम: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक संकट और सुरक्षित व किफायती ईंधन को बढ़ावा देने की केंद्र सरकार की मुस्तैदी का बड़ा असर हरियाणा में दिखने लगा है। प्रदेश में पारंपरिक एलपीजी (LPG) सिलेंडर की जगह अब सीधे पाइप से आने वाली प्राकृतिक गैस (PNG) की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, हरियाणा के करीब 1.25 लाख से अधिक उपभोक्ताओं ने एलपीजी का मोह छोड़कर पीएनजी कनेक्शन अपना लिया है। इस बदलाव की रेस में 'मिलेनियम सिटी' गुरुग्राम सबसे आगे चल रहा है।
हरियाणा में 1.25 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं ने घरों में पीएनजी का विकल्प चुना। इंफ्रास्ट्रक्चर और जागरूकता के मामले में गुरुग्राम ने पूरे प्रदेश को पीछे छोड़ा।पश्चिम एशिया संकट के बीच केंद्र सरकार के विशेष निर्देश और सुरक्षित व निर्बाध आपूर्ति।नए नियमों के अनुसार पीएनजी लेने पर पुराना एलपीजी कनेक्शन पूरी तरह रद्द नहीं होगा, बल्कि 'ट्रांसफर वाउचर' के जरिए सुरक्षित (पॉज) रखा जा सकेगा।
गुरुग्राम नगर निगम (MCG) और जिला प्रशासन शहर के रिहायशी इलाकों में पीएनजी का नेटवर्क बढ़ाने के लिए लगातार मंजूरी
दे रहे हैं। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) और हरियाणा सिटी गैस (HCG) जैसी बड़ी वितरण कंपनियां द्वारका एक्सप्रेसवे, साउथ सिटी, डीएलएफ, पालम विहार और हंस एंक्लेव जैसे दर्जनों इलाकों में तेजी से पाइपलाइन बिछा रही हैं। प्रशासन ने कंपनियों को आगामी 90 दिनों के भीतर अकेले गुरुग्राम में लगभग 70 हजार नए पीएनजी कनेक्शन जारी करने का सख्त लक्ष्य दिया है।
पारंपरिक गैस सिलेंडर की तुलना में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) उपभोक्ताओं के लिए कई मायनों में बेहतर साबित हो रही है। सिलेंडर खत्म होने का डर या बार-बार रीफिल बुक करने की कोई टेंशन नहीं। गैस 24 घंटे सातों दिन उपलब्ध रहती है।पीएनजी हवा से हल्की होती है, इसलिए किसी भी प्रकार के रिसाव (Leakage) की स्थिति में यह हवा में तेजी से फैलकर गायब हो जाती है, जिससे आग लगने का खतरा बेहद कम होता है। उपभोक्ताओं को सिर्फ उतनी ही गैस का भुगतान करना होता है जितनी वे इस्तेमाल करते हैं। इसके बिल बिजली के बिल की तरह मीटर रीडिंग के आधार पर आते हैं।

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