नई दिल्ली: दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में हुए भीषण अग्निकांड ने एक और गहरे जख्म के साथ एक हंसते-खेलते परिवार का वजूद ही खत्म कर दिया है। इस दर्दनाक हादसे में पहले ही अपने परिवार के कई सदस्यों को खो चुके बुजुर्ग राधेश्याम अग्रवाल (80 वर्ष) का भी अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया है। अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे राधेश्याम अग्रवाल की मौत के साथ ही इस पीड़ित परिवार का आखिरी चिराग भी बुझ गया है। इस हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
मूल रूप से गुरुग्राम (सेक्टर-46) के रहने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) विवेक अग्रवाल/विपिन अग्रवाल के पिता राधेश्याम अग्रवाल पिछले कुछ समय से गंभीर रूप से बीमार थे और साकेत के मैक्स अस्पताल में भर्ती थे। पिता की देखभाल और उनके नजदीक रहने के लिए विवेक अपनी मां, पत्नी और दो बेटियों के साथ दिल्ली आए थे और अस्पताल के पास ही फ्लोरेन्स (होटल/इमारत) में ठहरे हुए थे। लेकिन किसे पता था कि बीमार पिता की सेवा करने आया यह परिवार खुद एक भयानक त्रासदी का शिकार हो जाएगा।

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