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फरीदाबाद। यमुना के पानी को हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से राजस्थान के तीन जिलों चूरू, सीकर और झुंझुनू में भूमिगत पाइपलाइन के जरिए पहुंचाने के मामले का सीधा असर औद्योगिक नगरी पर पड़ेगा। क्योंकि पूरे शहर की पेयजल सप्लाई यमुना नदी किनारे लगे हुए रेनीवेल पर निर्भर है।
22 रेनीवेल नदी किनारे लगे हुए हैं और 12 रेनीवेल और ल
गाए जा रहे हैं। यदि यमुना नदी का जलस्तर कम हुआ तो रेनीवेल हांफने लगेंगे और इसका सीधा असर पेयजल आपूर्ति पर पड़ेगा। हालांकि सिंचाई विभाग सहित फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण के अधिकारी इस मामले को लेकर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं क्योंकि मामला दो राज्यों की सरकार का है।
लेकिन इसका परिणाम गंभीर होने की आशंका है। बता दें सोमवार को हरियाणा और राजस्थान सरकार के बीच पेयजल को लेकर महत्वपूर्ण समझौता हो गया है। समझौते के तहत वर्ष 1994 में हुए अपर यमुना रिवर बोर्ड के जल बंटवारा समझौते के अनुसार राजस्थान को उसके हिस्से का पानी उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

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