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एग्री डिस्कॉम, स्मार्ट मीटरिंग व समानांतर लाइसेंस प्रणाली के खिलाफ बिजली कर्मियों ने किए प्रदर्शन

Posted by : pramod goyal on : Tuesday, 16 June 2026 0 comments
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 फरीदाबाद,16 जून।



इलेक्ट्रिसिटी एम्पलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया एवं एसकेएस से संबद्ध आल हरियाणा पॉवर कारपोरेशनज वर्कर यूनियन के आह्वान पर मंगलवार को फरीदाबाद सर्कल के अंतर्गत हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम तथा दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की सभी सब डिवीजनों में बिजली कर्मियों ने काले बिल्ले लगाकर विरोध गेट मीटिंग की। यह विरोध गेट मीटिंग और प्रदर्शन हरियाणा सरकार एवं निगम प्रबंधन द्वारा प्रस्तावित हरियाणा एग्री डिस्कॉम कंपनी के गठन, स्मार्ट मीटर लगाने तथा बिजली वितरण क्षेत्र में समानांतर लाइसेंस देने की प्रक्रिया के विरोध में आयोजित की गई। इस अवसर पर एग्री डिस्कॉम की जारी अधिसूचना की प्रतियां जलाई गई। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान ने भी विरोध प्रदर्शन में भाग लिया और सरकार से एग्री डिस्कॉम चालू करने से पहले हितधारकों से बातचीत कर वापिस लेने की मांग की। इलेक्ट्रिसिटी एम्पलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाष लांबा ने ब

ताया कि एग्री डिस्कॉम को अलग करना और स्मार्ट मीटर लगाना बिजली निजीकरण का ही हिस्सा है,जिसका डटकर विरोध किया जाएगा।

गेट मीटिंगों को संबोधित करते हुए यूनियन के राज्य वरिष्ठ उपप्रधान शब्बीर अहमद गनी ने कहा कि सरकार बिजली क्षेत्र में निजीकरण को बढ़ावा देने तथा सार्वजनिक क्षेत्र के निगमों को कमजोर करने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। हरियाणा एग्री डिस्कॉम के गठन से बिजली वितरण व्यवस्था में सुधार होने के बजाय निगमों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा तथा किसानों, कर्मचारियों और उपभोक्ताओं के हित प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी हरियाणा राज्य विद्युत बोर्ड को विभिन्न निगमों में विभाजित करते समय सुधार और लाभ के बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन वास्तविकता में निगमों की वित्तीय स्थिति लगातार कमजोर हुई है।

सर्कल सचिव कृष्ण कुमार कालीरामन एवं टीएस सर्कल सचिव राम चरण पुष्कर ने कहा कि स्मार्ट मीटर लगाने और समानांतर लाइसेंस देने की नीतियां सार्वजनिक बिजली व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने की दिशा में उठाए जा रहे कदम हैं, जिनका कर्मचारी संगठन पुरजोर विरोध करता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि कर्मचारियों, किसान संगठनों तथा उपभोक्ताओं से व्यापक बातचीत किए बिना कोई भी निर्णय लागू न किया जाए।

यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने कर्मचारियों, किसानों एवं उपभोक्ताओं के हितों के विरुद्ध लिए जा रहे इन निर्णयों को वापस नहीं लिया तो आने वाले दिनों में कर्मचारी, किसान एवं जन संगठन संयुक्त रूप से आंदोलन को और तेज करेंगे।

गेट मीटिंगों को यूनियन के विभिन्न पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया, जिनमें करतार सिंह जागलान, मनोज जाखड़, भूप सिंह कौशिक, दिगंबर सिंह, पंकज, दिनेश शर्मा, अशरफ खान सहित अन्य कर्मचारी नेता शामिल रहे।

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