दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल फ्लोरिश स्टे में लगी आग में जिंदा जले गुरुग्राम के अग्रवाल परिवार के पांचों सदस्यों का गुरुवार को सेक्टर-32 स्थित श्मशान घाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया। हादसे में जाने गंवाने वाले सीए विवेक अग्रवाल को चचेरे भाई, पत्नी तर्जनी को उनके भाई, मां प्रेमलता को देवर, बेटी जीविशा और वारिया को चचेरे भाइयों ने मुखाग्नि दी।
पांचों परिजन मंगलवार को बीमार पिता राधेश्याम अग्रवाल को अस्पताल में देखने दिल्ली पहुंचे थे। इसी दौरान वे होटल फ्लोरिश में रुके थे और हादसे का शिकार हो गए। गुरुवार को दिल्ली एग्स में सभी का पोस्टमॉर्टम किया गया। इसके बाद एंबुलेंस से सभी की बॉडी गुरुग्राम सेक्टर-46 स्थित सीए के आवास पर लाई गईं। यहां कुछ देर अंतिम दर्शन से लिए पांचों शवों को रखा गया।
करीब सवा तीन बजे सभी डेडबॉडी को अंतिम संस्कार के लिए एंबुलेंस से ही सेक्टर-32 स्थित श्मशान घाट भेजा गया, जहां नम आखों से पड़ोसी और रिश्तेदार मिलकर उनका अंतिम संस्कार किया।
उधर, एक साथ परिवार के पांचों सदस्यों की मौत ने पड़ोसियों से लेकर रिश्तेदारों में गहरा शोक है। विवेक अग्रवाल के पड़ोसी सतनारायण भारद्वाज और सुशीला भारद्वाज सभी की मौत से काफी दुखी हैं। सुशीला ने बताया कि वो विवेक की मां प्रेमलता अग्रवाल की फ्रेंड थीं और रोजाना सैर करते समय मुलाकात करती थीं।

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