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बाल विवाह, साइबर अपराध और महिला सुरक्षा पर फरीदाबाद पुलिस का जागरूकता अभियान

Posted by : pramod goyal on : Wednesday, 17 June 2026 0 comments
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 फरीदाबाद, 17 जून। अपराध नियंत्रण के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से फरीदाबाद पुलिस लगातार विभिन्न जनहित कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इसी कड़ी में बुधवार को सामुदायिक पुलिसिंग सेल फरीदाबाद एवं थाना एस.जी.एम नगर पुलिस टीम द्वारा थाना क्षेत्र में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें महिलाओं, बच्चों एवं आम नागरिकों को कानून, सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में थाना प्रबंधक एस.जी.एम नगर निरीक्षक सुनील कुमार सहित पुलिस अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सामुदायिक पुलिसिंग सेल की प्रभारी निरीक्षक सुनीता ने महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों तथा बाल विवाह निषेध अधिनियम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बाल विवाह केवल एक सामाजिक कुप्रथा ही नहीं बल्कि कानूनन अपराध भी है, जो बालिकाओं के शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक विकास को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। इससे उनके अधिकारों का हनन होता है और उनका भविष्य भी प्रभावित होता है।

उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील करते हुए कहा कि बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं को समाप्त करने में समाज के प्रत्येक व्यक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका है। यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिले तो तत्काल प्रशासन अथवा पुलिस को सूचित करें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

निरीक्षक सुनीता ने कार्यक्रम में मौजूद बच्चियों को "गुड टच और बैड टच" के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को बताया कि किसी भी प्रकार की असहज या अनुचित गतिविधि होने पर तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षक या पुलिस को इसकी जानकारी दें। उन्होंने बच्चों को आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने और अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया।

वहीं थाना एस.जी.एम नगर के प्रबंधक निरीक्षक सुनील कुमार ने बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि वर्तमान समय में साइबर ठग विभिन्न तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। उन्होंने लोगों को अज्ञात लिंक पर क्लिक न करने, किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक खाता विवरण, एटीएम कार्ड की जानकारी अथवा व्यक्तिगत जानकारी साझा न करने की सलाह दी।

उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है तो वह बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराए, जिससे समय रहते कार्रवाई कर आर्थिक नुकसान को रोका जा सके।

कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने आमजन को विभिन्न आपातकालीन और सहायता सेवाओं की जानकारी भी दी। लोगों को आपातकालीन पुलिस सहायता हेतु डायल-112, बच्चों की सुरक्षा के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन-1098, साइबर अपराध शिकायत हेतु 1930 तथा राष्ट्रीय राजमार्गों पर सहायता के लिए हाइवे पेट्रोलिंग हेल्पलाइन-1033 के बारे में अवगत कराया गया।

इसके अतिरिक्त नशा तस्करी और मादक पदार्थों से संबंधित गतिविधियों की सूचना देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा संचालित MANAS ऐप के उपयोग के बारे में भी जानकारी दी गई। 

अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे नशा मुक्त समाज के निर्माण में पुलिस का सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साझा करें।

पुलिस के अनुसार इस जागरूकता अभियान के माध्यम से लगभग 500 लोगों को महिला एवं बाल सुरक्षा, बाल विवाह निषेध, साइबर सुरक्षा, आपातकालीन सहायता सेवाओं और नशा विरोधी अभियानों के संबंध में जागरूक किया गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ऐसे जनहित अभियानों की सराहना की।


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