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फरीदाबाद | समाज सेवी हरीश चन्द्र आज़ाद ने लख़नऊ कोचिंग सेंटर के आग हादसे में जान गवाने वाले होनहार विधार्थियो की मौत पर गहरा दुख जताते हुए कहा की इसमें सबसे बड़ा दोषी शासन और प्रशासन हैं क्योंकि या तो शासन - प्रशासन ने कोई नियम नहीँ बना रखें या उनका पालन करवाने में असमर्थ हैं इसलिए ऐसे सभी हादसों का दोषी सिर्फ और सिर्फ शासन प्रशासन हैं.
हरीश आज़ाद ने कहा इसके लिए शासन और प्रशासन को सबसे पहला नियम ये बनाना चाहिए की कोचिंग सेंटर कॉर्नर की बिल्डिंग में या दोनों साइड से खुलने वाली बिल्डिंग हो. दूसरा अहम नियम ये होना चाहिए कि कोचिंग सेंटर में प्लास्टिक या फाइबर और लकड़ी का काम होना ही नहीँ चाहिए, तीसरा नियम ये होना चाहिए कि छोटे से छोटे कोचिंग सेंटर में भी फायर डिटेक्टर और फायर फाइटिंग सिस्टम अनिवार्य हो और इसके साथ आग लगने के बाद बच्चों के वहां से निकलने के सभों आसान इंतज़ाम होने चाहिए.
आज़ाद ने कहा क्या शासन और प्रशासन के पास इसका कोई भी जवाब हैं कि ऐसे हादसों से सबक लेकर उन्होंने इसके लिए क्या क्या ठोस कदम उठाये हैं किया शासन और प्रशासन एक भी ऐसा कदम बता सकते हैं कि ऐसे हादसों से सबक लेकर उन्होंने ये नियम बनाये हैं और इससे किसी हादसे से लोगों कि जान बच पाई हो. मैं यकीन से कह सकता हुँ कि शासन और प्रशासन ऐसे हादसों के बाद उस पर जांच समिति बना देते हैं और ज्यादा से ज्यादा दोषियों को सजा शायद कभी कभी दिलवा देते हैं लेकिन खुद कि कमियों कि वजह से शासन और प्रशासन के किसी व्यक्ति को कभी भी दोषी के कठघरे में खड़ा नहीँ किया अगर शासन और प्रशासन को दोषी के कठघरे में खड़ा करके सजा दिलाई होती तो ऐसे हादसे रुक सकते थे क्योंकि इससे शासन और प्रशासन के लोग सभी नियमों का सख़्ती से लागू करवाते इसलिए मैं सरकार से अपील करूँगा कि अब समय आ गया हैं ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस नियम बनायें और उनका सख़्ती से पालन भी करवाये.

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