हरियाणा के डीजीपी (जेल) आईपीएस आलोक मित्तल ने फरीदाबाद नीमका जेल का दौरा कर जेल व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि जेलों का उद्देश्य केवल सजा देना नहीं, बल्कि कैदियों को सुधार कर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना भी है। इसी दिशा में जेल विभाग लगातार नई योजनाओं पर काम कर रहा है।
डीजीपी आलोक मित्तल ने जेलों में बढ़ रहे आत्महत्या के मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इन घटनाओं को रोकने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कई बार जेल में आने के बाद कैदी मानसिक तनाव और अवसाद का शिकार हो जाते हैं। ऐसे में उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। बीमार कैदियों के लिए डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है और दवाइयों की पर्याप्त व्यवस्था भी की गई है।
उन्होंने बताया कि कैदियों को आत्मनिर्भर बनाने और दोबारा अपराध की दुनिया में लौटने से रोकने के लिए जेलों के भीतर आईटीआई की सुविधा शुरू की गई है। इससे कैदी जेल में रहते हुए विभिन्न व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे और रिहा होने के बाद रोजगार के माध्यम से सम्मानजनक जीवन जी सकेंगे।

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