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- फरीदाबाद, 14 जून। हरियाणा पुलिस का ध्येय वाक्य "सेवा, सुरक्षा और सहयोग" है। इस आदर्श को अपने जीवन में साकार रूप देने वाले उपनिरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा आज केवल एक पुलिस अधिकारी ही नहीं, बल्कि मानवता की सेवा के पर्याय बन चुके हैं। फरीदाबाद सेक्टर-8 निवासी डॉ. वर्मा ने रक्तदान को जनसेवा का ऐसा माध्यम बनाया है, जिसने हजारों परिवारों के जीवन में नई आशा का संचार किया है। हरियाणा पुलिस में कार्यरत डॉ. अशोक कुमार वर्मा को देश के पुलिस बलों में सर्वाधिक रक्तदान करने वाले पुलिसकर्मियों में अग्रणी माना जाता है। अब तक वे 183 बार रक्तदान, 89 बार प्लेटलेट्स दान तथा 1 बार प्लाज्मा दान कर चुके हैं। यह उपलब्धि केवल एक व्यक्तिगत रिकॉर्ड नहीं, बल्कि समाज और मानवता के प्रति उनके अद्वितीय समर्पण की कहानी है। उनकी रक्तदान यात्रा वर्ष 1990 में छात्र जीवन से शुरू हुई थी, जब उन्होंने एनसीसी कैडेट के रूप में पहली बार रक्तदान किया। बाद में पुत्र के जन्म के समय गंभीर पीलिया की स्थिति में रक्त की आवश्यकता ने उन्हें रक्तदान के महत्व का वास्तविक अनुभव कराया। उसी क्षण उन्होंने संकल्प लिया कि जीवनभर रक्तदान करेंगे और अधिक से अधिक लोगों को इस महादान के
लिए प्रेरित करेंगे। डॉ. वर्मा के प्रयास केवल व्यक्तिगत रक्तदान तक सीमित नहीं रहे। उनके मार्गदर्शन और नेतृत्व में अब तक 590 स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जा चुका है, जिनमें 21,076 यूनिट रक्त एकत्रित हुआ। इस रक्त से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों मरीजों को जीवनदान मिला है। इसके अतिरिक्त उन्होंने विभिन्न माध्यमों से 80 हजार से अधिक जरूरतमंदों को रक्त उपलब्ध कराने में सहयोग किया है। डॉ. वर्मा का मानना है कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है। एक पुलिसकर्मी समाज का संरक्षक होता है और उसका दायित्व हर परिस्थिति में मानव जीवन की रक्षा करना है। रक्तदान के माध्यम से उन्होंने यह सिद्ध किया है कि वर्दी की असली पहचान संवेदनशीलता, करुणा और सेवा भाव में निहित है। उनकी प्रेरणा का स्रोत उनके स्वर्गीय पिता कली राम थे, जिन्होंने भारतीय सेना में रहते हुए राष्ट्रसेवा के संस्कार दिए। आज वही संस्कार उनके पूरे परिवार में दिखाई देते हैं। उनके परिवार के अनेक सदस्य नियमित रक्तदान और सामाजिक सेवा कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं। इस प्रकार रक्तदान उनके परिवार की परंपरा और संस्कार बन चुका है। विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने युवाओं से आह्वान किया कि वे रक्तदान को केवल एक सामाजिक गतिविधि न समझें, बल्कि इसे मानव जीवन बचाने का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम मानें। उनका कहना है कि यदि प्रत्येक स्वस्थ नागरिक नियमित रक्तदान का संकल्प ले ले, तो देश में किसी भी मरीज को रक्त के अभाव में जीवन नहीं गंवाना पड़ेगा। डॉ. अशोक कुमार वर्मा की जीवन यात्रा यह संदेश देती है कि सच्ची पुलिसिंग केवल कानून लागू करने में नहीं, बल्कि मानवता की रक्षा और समाज के प्रति उत्तरदायित्व निभाने में है। उन्होंने अपने कार्यों से हरियाणा पुलिस के ध्येय वाक्य "सेवा, सुरक्षा और सहयोग" को वास्तविक अर्थों में चरितार्थ किया है। आज वे न केवल पुलिस विभाग बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा, सेवा और समर्पण का जीवंत उदाहरण हैं।

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