फरीदाबाद, 15 जून। नहरपार पल्ला-तिलपत से बसंतपुर क्षेत्र तक के लोगों को उनके हक की बिजली नहीं मिल पा रही है। जिससे आए दिन लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ये कहना है लोकसभा निगरानी समिति के संयोजक ओमप्रकाश रैक्सवाल का। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने नहरपार क्षेत्र के लिए अलग बिजली घर को मंजूरी दी थी। जोकि सेक्टर 37 में 66 केवी का बिजली घर बनकर तैयार भी हुआ। लेकिन पिछले करीब एक वर्ष से इस बिजली घर की पूरी सप्लाई पल्ला-बसंतपुर क्षेत्र को न मिलकर आधी सप्लाई किसी अन्य जगह की जा रही है। जिसके कारण पल्ला से बसंतपुर तक के निवासियों को बिजली की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।
करीब एक महीने से यहां के लोग बिजली को लेकर लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। यहां के निवासी बिजली की समस्या को लेकर पूर्व पार्षद ओमप्रकाश रैक्सवाल से कई बार मिल चुके हैं। उनकी समस्या को लेकर ओमप्रकाश रैक्सवाल ने डीएचबीवीएन के अधीक्षण अभियंता से मुलाकात कर मांग पत्र देकर मांग की कि उक्त बिजली घर की पूरी बिजली इस क्षेत्र को मिले। यदि यह संभव नहीं है तो पल्ला, तिलपत, सेहतपुर, अगवानपुर, इस्माइलपुर, बसंतपुर, सेक्टर 91, सूर्य विहार, लगभग 100 नियमित काॅलोनियों में बिजली की दशा सुधारने के लिए 66 केवी या 33 केवी के दो नए बिजली घर बनाए जाए। ताकि नहरपार क्षेत्र को निर्बाध बिजली मिल सके।
इसके अतिरिक्त हाल ही में केंद्रीय उर्जा मंत्री श्री मनोहर लाल द्वारा फरीदाबाद में बिजली की तारों को भूमिगत करने की घोषणा की गई है। उस योजना के तहत पल्ला-तिलपत से बसंतपुर क्षेत्र तक के गांव, सेक्टर व काॅलोनियों के बिजली के तार भी भूमिगत किए जाए। इसके लिए मुख्यमंत्री नयाब सिंह सैनी, उर्जा मंत्री अनिल विज को मांग पत्र भेजा गया है और केन्द्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर व बिजली निगम के एसई से मिलकर उन्हें मांग पत्र सौंपा गया है।

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