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फरीदाबाद, 17 जून। जिले में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण और जघन्य अपराधों में शामिल अपराधियों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के लिए फरीदाबाद पुलिस ने क्राइम इंटेलिजेंस मॉडल के तहत बड़ा अभियान शुरू किया है। जिसके अंतर्गत अब तक 617 जघन्य अपराधियों का भौतिक सत्यापन (वेरीफिकेशन) किया जा चुका है। पुलिस द्वारा तैयार किए गए डिजिटल डेटाबेस के माध्यम से इन अपराधियों की 24 घंटे निगरानी की जा रही है।
पुलिस महानिदेशक हरियाणा, श्री अजय सिंघल के मार्गदर्शन में शुरू किए गए इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य आदतन और संगठित अपराधियों की पहचान कर उनकी गतिविधियों पर सतत निगरानी रखना है, ताकि अपराध होने से पहले ही उस पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
पुलिस उपायुक्त अपराध, राजेश कुमार मोहन ने बताया कि हरियाणा पुलिस ने अपराध नियंत्रण के लिए क्राइम इंटेलिजेंस डेटाबेस नामक एक आधुनिक प्रोजेक्ट विकसित किया है। इसके तहत पिछले 10 वर्षों के दौरान हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, लूट, स्नैचिंग, रंगदारी (एक्सटॉर्शन) तथा शस्त्र अधिनियम जैसे गंभीर अपराधों में शामिल व्यक्तियों का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार किया गया है।
उन्होंने बताया कि जिला फरीदाबाद में ऐसे 3499 अपराधियों की पहचान की गई है। इन सभी अपराधियों का विवरण थाना स्तर पर संबंधित पुलिस टीमों को उपलब्ध कराया गया है। पुलिस टीमें इनके घरों और संभावित ठिकानों पर पहुंचकर सत्यापन कर रही हैं तथा उनकी वर्तमान गतिविधियों की जानकारी जुटा रही हैं।
उन्होंने आगे बताया कि श्री सतेंद्र कुमार गुप्ता पुलिस आयुक्त फरीदाबाद के मार्गदर्शन में कार्रवाई करते हुए 16 जून तक कुल 617 अपराधियों की जांच की गई। इ
नमें से 408 अपराधी अपने घरों पर मौजूद मिले, जबकि 68 अपराधी विभिन्न जेलों में बंद पाए गए। इसके अलावा 17 अपराधियों की मृत्यु हो चुकी है, जबकि 124 अपराधियों की तलाश और निगरानी के लिए क्राइम ब्रांच की टीमों द्वारा अलग से कार्रवाई की जा रही है
नमें से 408 अपराधी अपने घरों पर मौजूद मिले, जबकि 68 अपराधी विभिन्न जेलों में बंद पाए गए। इसके अलावा 17 अपराधियों की मृत्यु हो चुकी है, जबकि 124 अपराधियों की तलाश और निगरानी के लिए क्राइम ब्रांच की टीमों द्वारा अलग से कार्रवाई की जा रही है
उन्होंने आगे बताया कि पिछले 1 महीने में फरीदाबाद पुलिस ने इसी तरह के संगीन अपराधों में शामिल 3 अपराधियों को मुठभेड़ के बाद काबू किया तथा 12 को गिरफ्तार किया है।
*चार जिलों में लागू है परियोजना*
डीसीपी अपराध ने बताया कि फिलहाल इस प्रोजेक्ट को प्रदेश के चार जिलों रोहतक, झज्जर, सोनीपत और फरीदाबाद में लागू किया गया है। इन चारों जिलों के कुल 10,892 जघन्य अपराधियों का व्यापक डिजिटल डेटाबेस तैयार किया गया है।
इस डेटाबेस में अपराधियों का आपराधिक इतिहास, उनके निवास संबंधी विवरण, गतिविधियां तथा अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल हैं। जिसके आधार पर पुलिस अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है।
इस आधुनिक और तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था से जिले में कानून व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा अपराधियों में पुलिस का भय बढ़ेगा। वहीं आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में भी यह पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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