फरीदाबाद जिले की नीमका जेल में सजा काट रहे कैदियों की आवाज अब दीवारों के बाहर लोगों को सुनाई देगी। कैदी जेल रेडियो के माध्यम से अपनी प्रतिभा दिखा पाएंगे। जेल प्रशासन कैदियों को जेल रेडियो के जरिए अपनी बात रखने, कविता सुनाने और गीत गाने का मौका देने जा रहा है। इसके लिए जेल प्रबंधन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
जेल अधिकारियों के मुताबिक जेल रेडियो के माध्यम से एक तरफ जंहा कैदियों का मानसिक तनाव कम होगा। वहीं दूसरी तरफ उनकी सोच में परिवर्तन होगा। नीमका जेल में रोजाना 30 मिनट का एक कार्यक्रम रेडियो पर प्रसारित किया जाएगा। इसके लिए कैदियों को कोई विशेष तैयारी की जरूरत नही होगी, इसमें कैदी अपने अनुभव, विचार, प्रेरणादायक बातें और गीत सांझा कर सकेंगे।
जेल प्रशासन की एक टीम कैदियों से बातचीत कर उनकी रुचि जानेगी। इच्छुक कैदियों को अपनी स्पीच या गीत तैयार करने का समय दिया जाएगा। इसके बाद जेल प्रबंधन की कमेटी सामग्री सुनकर उसे अप्रूव करेगी और फिर रेडियो पर प्रसारित किया जाएगा।

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