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ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की हड़ताल दुसरे दिन भी बदस्तूर जारी रही

Posted by : pramod goyal on : Saturday, 16 May 2026 0 comments
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 ‍‌‌‍‌‍फरीदाबाद 16 मई ‌-


ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के लिए ‌ नियमितीकरण की नीति बनाकर पक्का करने,  ‌चार सौ की आबादी पर‌ एक सफाई ‌ कर्मचारी को लगाने, ‌ अनुग्रह पूर्वक अनुदान नीति के तहत मृतक कर्मचारियों के परिजन को स्थाई नौकरी देने, ‌ दुर्घटना में मृत्यु होने पर 50 लाख मुआवजा राशि तथा साधारण मृत्यु पर 20 लाख की धनराशि देने, और  ‌ सेवानिवृत्ति पर एक मुस्त 10 लाख रुपए और ग्रजूयटी का लाभ देने सहित अन्य मांगों को लेकर आज

ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की हड़ताल आज दुसरे दिन  भी बदस्तूर जारी  रही। सरकार  की नीतियों से ख़फ़ा हुए बैठे कर्मचारियों ने    जिला  ‌ मुख्यालय के  सामने ज़ोरदार प्रदर्शन  किया। और  जम कर नारे लगाए। कर्मचारी  कच्चे  कर्मचारियों को पक्का करो, ‌ न्यूनतम वेतन 26000 रुपया लागू करो‌, के  नारे लगात रहे थे। आज  के प्रदर्शन की अध्यक्षता   जिले के वरिष्ठ उपप्रधान ‌‌ महेंद्र मानढोतिया ने की जबकि संचालन जिला सचिव राजू  बहादुर पुर ‌ने किया ।
आज  की हड़ताली  सभा को यूनियन  के ‌ कोषाध्यक्ष दिनेश  पाली और  सीटू जिला सचिव वीरेंद्र सिंह डंगवाल ने संबोधित किया। उन्होंने राज्य सरकार पर ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया  कि ‌ ग्रामीण अंचल में सफाई नियमित रूप से करनी पड़ती है। यदि कार्य स्थाई है। तो उसको ‌‌ पूरा करने वाले श्रमिक भी रेगुलर ही होने चाहिए। ‌ ऐसा करना सरकार के अधिकार क्षेत्र की बात है। ‌ क्योंकि शहरों में  स्थाई  सफाई कर्मचारी हैं ।‌ इस आधार पर इनको भी रखा जा सकता है। इस मामले पर माननीय हाईकोर्ट ने भी आदेश पारित किए हैं।  ‌ नियमितीकरण की मांग को लेकर वर्षों से  ग्रामीण सफाई कर्मचारी लगातार आंदोलन कर रहे हैं।  लेकिन सरकार ‌ सुन नहीं रही है। ‌ राज्य भर में ग्रामीण सफाई कर्मियों के हजारों पद खाली पड़े हैं। यदि सरकार इन पर भर्ती करती है। तो ‌ स्वाभाविक रूप से बेरोजगारी कम होती है। ‌ क्योंकि प्रदेशभर में विभिन्न विभागों  में कर्मचारियों के पद रिक्त  हैं
उन्होंने कहा कि  हरियाणा  में किसी ‌सरकार के  ‌ कार्यकाल में‌  एक भी ‌ ग्रामीण सफाई कर्मचारी को पक्का नहीं किया।‌‌ भाजपा सरकार ने पुराने 29 श्रम कानूनों को बदलकर  चार लेबर कोड्स बना दिए।‌ दिन में काम के घंटे 8 से बढ़कर 12 किया जा रहे हैं। सरकार मजदूरों को मालिकों का गुलाम बनाना चाहती हैं।‌ आज भी ‌ कई विभागों में सफाई कर्मियों को न्यूनतम वेतन नहीं मिल रहा है।‌ विभाग के अधिकारी उनका शोषण करते हैं। ‌ पूरे महीने  काम करवाया जाता है। लेकिन वेतन नहीं मिलता
  आज की सभा को जिला कोषाध्यक्ष दिनेश पाली, ‌ नरेश पावटा,‌ राजू नरावली ,‌ महेश अटाली,‌ ओम प्रकाश आलमपुर, गुलाब सिंह हंस हीरापुर, राजू बहादुरपुर,मनोज हंस  मौजपुर, विनीत ‌ प्रधान बल्लभगढ़ ब्लॉक,मुकला, धीर सिंह रायपुर, कुलदीप अलीपुर, नरेंद्र शाहजहांपुर, अजीत मोहना, दीपक नारियाला, अमित, कुसुम, तारा, सुनीता, धकेली ,कांता, विजय, राजपाल, रोहित, राजू, दीपक, संजय, बुधराम, अजय, मन्नू, अनिल, सनी, मुकेश ,सुभाष, तथा धर्मेंद्र, मनोज कुमार, मनोज हंस, आदि  ने भी संबोधित किया ।

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