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टेट परीक्षा पास करने की अनिवार्यता रद्द करने की मांग को लेकर मंत्री को सौंपा ज्ञापन : मुकेश गर्ग

Posted by : pramod goyal on : Sunday, 3 May 2026 0 comments
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 फरीदाबाद,3 मई।


हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ संबद्ध सर्व कर्मचारी संघ एवं स्कूल टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने टेट परीक्षा पास करने की अनिवार्यता रद्द करने की मांग को लेकर रविवार को खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के राज्य मंत्री राजेश नागर को ज्ञापन सौंपा। जिसकी अगुवाई ब्लॉक प्रधान मायाराम नागर और ब्लॉक बल्लभगढ़ प्रधान उपकार फोगाट ने की।



हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला प्रधान मुकेश गर्ग व संगठन सचिव युधवीर चाहर ने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने 1 सितंबर, 2025 को सिविल अपील संख्या 1385/2025 में अपने फैसले में कहा है कि शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण करना उन शिक्षकों के लिए भी अनिवार्य है जिनकी नियुक्ति 23 अगस्त, 2010 (एनसीटीई अधिसूचना की तिथि) से पहले हुई थी। इससे पहले, एनसीटीई ने ऐसे सभी शिक्षकों को टीईटी से पूर्ण रूप से छूट दी थी। वर्तमान फैसले के अनुसार, जिन सेवारत शिक्षकों की सेवा अवधि पांच वर्ष से अधिक शेष है, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य है; अन्यथा उन्हें बर्खास्तगी या जिनकी सेवा अवधि पांच वर्ष से कम शेष है, पदोन्नति से वंचित किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि हरियाणा प्रदेश और पूरे देश में हजारों अनुभवी शिक्षक, जिनकी भर्ती 2010 से पहले के नियमों के अनुसार ही हुई थी, ने 15-30 वर्षों तक निष्ठापूर्वक सेवा की है, जिनमें से कई ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में कार्यरत हैं। एक नई योग्यता लागू करने से अत्यधिक कठिनाई, मानसिक पीड़ा और नौकरी खोने का भय उत्पन्न हो गया है और इससे सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की अभूतपूर्व कमी पैदा होगी तथा प्रत्येक जिले में हजारों शिक्षकों को रोजगार से हाथ धोना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि संगठन इस ज्ञापन के माध्यम से मांग करता है कि सभी पार्टियां संसद के आगामी सत्र में इस ज्वलंत मुद्दे को उठाए। (शून्यकाल/विशेष उल्लेख/ध्यान आकर्षित करना/निजी सदस्य विधेयक, जैसा उचित हो) और सरकार पर दबाव डालें कि वह आरटीई अधिनियम, 2009 की धारा 23 में अध्यादेश/संशोधन लाए, जिसके तहत 23.08.2010 से पहले नियुक्त सभी शिक्षकों को टीईटी से स्थायी और पूर्ण छूट प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि जॉन ब्रिट्टास सांसद सीपीआईएम द्वारा प्रस्तुत निजी बिल संख्या XXVII दिनांक 13/03/2026 को राज्य सभा में रखा गया है, दल/पार्टी से ऊपर उठकर देश में कार्यरत शिक्षकों व उनके परिवारों के हित में इस बिल के पक्ष वोट कर इसे पास करने में समर्थन करें। मंत्री राजेश नागर ने इस पर विचार करने का आश्वासन दिया इस अवसर पर महावीर भड़ाना, दीपेंद्र सिंह, अमित जैन , सूबेसिंह, कैलाश, मुकेश ,अजय भारद्वाज, कृष्ण वीर विशेष रूप से मौजूद रहे।

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