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पत्रकारिता केवल पेशा नहीं, समाज को दिशा देने का माध्यम है— डॉ. मोहन तिवारी

Posted by : pramod goyal on : Saturday, 30 May 2026 0 comments
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 फरीदाबाद, 30 मई।

हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर सेक्टर-12 फरीदाबाद निवासी वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी डॉ. मोहन तिवारी ने हिंदी पत्रकारिता के महत्व, उसकी वर्तमान चुनौतियों और समाज में उसकी भूमिका को लेकर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि हिंदी पत्रकारिता ने हमेशा देश और समाज को जागरूक करने, लोकतंत्र को मजबूत बनाने तथा आम नागरिक की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है।
  डॉ. तिवारी ने कहा कि 30 मई का दिन हिंदी पत्रकारिता के इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसी दिन वर्ष 1826 में भारत का पहला हिंदी समाचार पत्र “उदन्त मार्तण्ड” प्रकाशित हुआ था। तभी से हिंदी पत्रकारिता ने जन-जागरण, सामाजिक सुधार और राष्ट्रीय चेतना को नई दिशा देने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि आज भी हिंदी पत्रकारिता देश के करोड़ों लोगों की आवाज बनी हुई है और ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर महानगरों तक लोगों को जोड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
    उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारिता केवल समाचार देने तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि समाज के सामने सच को निष्पक्ष रूप से प्रस्तुत करना और लोगों के अधिकारों की रक्षा करना भी इसकी बड़ी जिम्मेदारी है। मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और यदि

पत्रकारिता निष्पक्ष, निर्भीक और जिम्मेदार बनी रहे तो समाज में पारदर्शिता और न्याय की भावना मजबूत होती है।
   समाजसेवी वरिष्ठ पत्रकार डॉ. मोहन तिवारी ने कहा कि डिजिटल युग में पत्रकारिता के स्वरूप में तेजी से बदलाव आया है। सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के कारण समाचारों की गति तो बढ़ी है, लेकिन इसके साथ-साथ फर्जी खबरों और अप्रमाणित सूचनाओं का खतरा भी बढ़ा है। ऐसे समय में पत्रकारों का दायित्व और अधिक बढ़ जाता है कि वे तथ्यों की जांच कर सत्य को जनता तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य केवल सनसनी फैलाना नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करना और सकारात्मक दिशा देना होना चाहिए।
उन्होंने युवाओं से भी अपील करते हुए कहा कि जो युवा पत्रकारिता के क्षेत्र में आना चाहते हैं, उन्हें सत्य, ईमानदारी और सामाजिक जिम्मेदारी को अपने कार्य का आधार बनाना चाहिए। पत्रकारिता में सफलता केवल प्रसिद्धि से नहीं, बल्कि समाज के प्रति जवाबदेही और निष्पक्ष कार्यशैली से मिलती है।
    वरिष्ठ पत्रकार डॉ. तिवारी लंबे समय से सामाजिक गतिविधियों, कानूनी जागरूकता अभियानों और जनहित से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उन्होंने शिक्षा, सामाजिक सहयोग, गरीब एवं जरूरतमंद लोगों की सहायता तथा युवाओं को जागरूक करने के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण प्रयास किए हैं। समाजसेवा के प्रति उनकी सक्रियता के कारण विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों द्वारा समय-समय पर उन्हें सम्मानित भी किया गया है।
     हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर उन्होंने सभी पत्रकारों, मीडिया कर्मियों और लेखकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पत्रकारिता की गरिमा और विश्वसनीयता को बनाए रखना आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जब पत्रकार निष्पक्ष होकर समाज के हित में कार्य करते हैं, तब लोकतंत्र और अधिक मजबूत बनता है तथा आम जनता का विश्वास भी कायम रहता है। इस अवसर पर शहर के कई बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं गणमान्य लोगों ने भी हिंदी पत्रकारिता के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए और पत्रकारों के योगदान को लोकतंत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

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