फरीदाबाद में हरियाणा सरकार और नगर निगम के बीच प्रशासनिक कामकाज को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। हरियाणा सरकार के शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने नगर निगम को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 7 दिन में जवाब मांगा है। सरकार ने कहा है कि नगर निगम द्वारा फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट्स कमेटी का गठन नहीं किए जाने से विकास कार्य गंभीर रूप से प्रभावित हो रहे हैं और जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
27 मई को जारी आदेश में बताया गया कि नगर निगम के चुनाव 2 मार्च 2025 को हुए थे, जबकि मेयर और पार्षदों ने 25 मार्च 2025 को शपथ ली थी। इसके बावजूद 14 महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अब तक सीनियर डिप्टी मेयर, डिप्टी मेयर और फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट्स कमेटी का गठन नहीं हो पाया है। सरकार ने इसे हरियाणा म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट 1994 के प्रावधानों का उल्लंघन माना है।
सरकार के आदेश में कहा गया है कि फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट्स कमेटी नगर निगम के विकास कार्यों, ठेकों और खरीद से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जुलाई 2025 में सरकार द्वारा 10 करोड़ रुपए तक के विकास कार्यों की प्रशासनिक और रेट अप्रूवल की शक्तियां इसी कमेटी को सौंपी गई थी। लेकिन कमेटी के गठन में देरी के कारण कई विकास परियोजनाएं अटकी हुई हैं और सरकारी अनुदान का समय पर उपयोग नहीं हो पा रहा है।
नोटिस में यह भी कहा गया कि नगर निगम नियमित रूप से बैठकें नहीं कर रहा, जो हरियाणा म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट की धारा 52 का उल्लंघन है। सरकार का कहना है कि निगम की लापरवाही के कारण शहर में विकास कार्य और बुनियादी सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं।

No comments :