फरीदाबाद के जाजरू गांव में सरपंच और पंचों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। गांव के 8 पंचों ने सरपंच के कामकाज से नाराज होकर अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला लिया और बल्लभगढ़ स्थित बीडीपीओ कार्यालय पहुंचकर लिखित रूप से अपने इस्तीफे जमा कराए।
इस्तीफा देने वाले पंचों में ईश्वर, रामेश्वर डागर, सुभाष, बलराम, हेमलता, अनीता, पूजा और मनीषा शामिल हैं। पंचों ने सरपंच पर गांव के विकास कार्यों और बैठकों से उन्हें दूर रखने के आरोप लगाए हैं।
पंचों का कहना है कि पिछले करीब एक साल से उन्हें गांव की बैठकों में नियमित रूप से नहीं बुलाया जा रहा। कई बार गांव में विकास कार्य शुरू कर दिए जाते हैं, लेकिन उनकी जानकारी पंचों को नहीं दी जाती। पंचों ने आरोप लगाया कि गांव में कौन सा कार्य कब और किस योजना के तहत कराया जा रहा है, इसकी सूचना भी उन्हें नहीं मिलती।
उनका कहना है कि जब भी वह इस संबंध में सरपंच से बात करते हैं तो वह कोई स्पष्ट जवाब नहीं देते और बात को टाल देते हैं। इसी नाराजगी के चलते सभी पंचों ने सामूहिक रूप से पंच पद से इस्तीफा देने का निर्णय लिया।
वहीं, सरपंच अजय डागर ने पंचों द्वारा लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। सरपंच का कहना है कि गांव में जब भी कोई बैठक आयोजित की जाती है तो सभी पंचों को सूचना देकर बुलाया जाता है। उन्होंने कहा कि गांव में होने वाले सभी विकास कार्य पंचों की जानकारी और निगरानी में ही कराए जाते हैं।

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