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फरीदाबाद,14 मई।
नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा और सरकार के बीच बृहस्पतिवार को दो दौर की बैठक के नगर निगम कर्मचारियों की पहली मई और अग्निशमन व कर्मचारियों की आठ अप्रैल से चल रही हड़ताल को 30 जून तक स्थगित कर दिया गया है। यह फैसला जनहित को ध्यान में रखते हुए किया गया है। क्योंकि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण प्रदेश गंदगी के ढेर में तब्दील हो गया था। यह ऐलान बृहस्पतिवार को नगर निगम मुख्यालय पर आयोजित हड़ताली कर्मचारियों को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ ने के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने किया। उन्होंने यह ऐलान नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री द्वारा रोहतक में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में हड़ताल स्थगित करने के ऐलान के बाद किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने मानी हुई मांगों को 30 जून तक लागू करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा ने फैसला लिया है कि अगर तीस जून तक मानी हुई मांगों को लागू नहीं किया तो शहरी स्थानीय निकाय विभाग और फायर विभाग के कर्मचारी पहली जुलाई से आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। हड़ताली कर्मचारियों की सभा की अध्यक्षता वरिष्ठ उपाध्यक्ष गुरचरण खाडियां ने की। सभा में आल हरियाणा पावर कारपोरेशनज वर्कर यूनियन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शब्बीर अहमद गनी के अलावा श्री नंद ढकोलिया, सुदेश कुमार,राकेश चंडालिया, मुकेश बेनीवाल, ललीता, सुरेश देवी हरी सिंह खाडिया,प्रेम पाल,राजेश कामा, लक्ष्मण पारछा,नरेश भगवाना, राजबीर चिंडालिया
गौरतलब है कि 13 मई को हरियाणा निवास सेक्टर 3 चंडीगढ़ में शहरी स्थानीय निकाय एवं डिजास्टर मैनेजमेंट विभाग के मंत्री विपुल गोयल की अध्यक्षता में सरकार व नगरपालिका कर्मचारी संघ के बीच दो दौर की 6 घंटे हरियाणा निवास में मीटिंग हुई थी। जिसमें मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर व वित्तीय सचिव अरुण कुमार गुप्ता सहित फायर एवं शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारी मौजूद थे। इस मीटिंग में निम्नलिखित मांगों पर सहमति बनी।
*सरकार व नगरपालिका कर्मचारी संघ एवं फायर कर्मचारी यूनियन के बीच इन मांगों पर बनी सहमति*
पालिका, परिषदों व निगमों में रोल पर लगे सभी 13000 कर्मचारी भर्ती नियमों एवं अधिकतम आयु 55 वर्ष तक छूट देकर पक्के किए जाएंगे।
म्यूनिसिपलटीज में ग्रुप डी, सी एवं बी के 4848 पद स्वीकृत किए जाएंगे और इसमें सफाई दरोगा से मैडिकल अफसर तक 926 पद केवल सेनिटेशन स्टाफ के लिए आरक्षित होंगे।
गुरुग्राम के 3480 कर्मचारियों सहित अलग-अलग शहरों से छंटनी किए गए लगभग 5 हजार कर्मचारी ड्यूटी पर वापस लिए जाएंगे।
गुरुग्राम के कर्मचारियों सहित सभी आंदोलनकारी नेताओं के टर्मिनेशन ब्रेक समाप्त कर हड़ताल अवधि को लीव आफ काइंड डयू की जाएगी और मुकदमों सहित अन्य सभी प्रकार की उत्पीड़न की कार्यवाहियों को समाप्त किया जाएगा।
कर्मचारियों का 1 वर्ष में तीन बार मेडिकल हेल्थ चेकअप होगा, सीवर मैनों व फायरमैन को 5000 व सफाई कर्मचारियों को जोखिम भत्ता दिया जाएगा।
पढ़े-लिखे सफाई कर्मचारियों को योग्यता अनुसार ग्रुप सी के पदों पर पदोन्नति का प्रावधान करने के लिए सेवा नियमों में संशोधन किया जाएगा।
कच्चे कर्मचारियों को नेचुरल मौत पर 10 लाख, एक्सीडेंटल मौत पर 20 लाख रुपए आर्थिक सहायता एवं परिवार के सदस्य को नौकरी दी जाएगी।
कच्चे कर्मचारियों को मेडिकल अवकाश 10 के स्थान पर 20 किए जाएंगे।
डोर टू डोर पर लगे कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन 15220 रुपये बैंक के माध्यम से दिया जाएगा और ईपीएफ व ईएसआई की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
डोर टू डोर व अन्य प्रकार के ठेकों में लगे कर्मचारियों को 6000 रिक्त पदों पर होने वाली भर्ती में प्राथमिकता देने।
सफाई के ठेकों में लगे कर्मचारियों को भी न्यूनतम वेतन के साथ तेल साबुन और प्रतिवर्ष 2 हजार रुपये वेतन में बढ़ोतरी का लाभ बैंक के माध्यम से दिया जाएगा
विभाग में रजिस्ट्रेशन के बाद ठेकेदार द्वारा नौकरी से निकालने के नाम पर शोषण बंद होगा।
फायर कर्मियों की निम्न मांगे मानी गई
फरीदाबाद में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए दमकल कर्मचारियों के परिवारों को 50-50 लाख रुपये का मुआवजा तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी।
1800 नियमित फायर ऑपरेटर (एफओ) भर्ती प्रक्रिया को रद्द कर पे-रोल फायर कर्मचारियों के प्रमाणपत्रों की जांच करवाई जाएगी तथा डीजी फायर की अध्यक्षता में उन्हें नियमित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
55 साल तक के पे-रोल कर्मचारियों को रेगुलर किया जाएगा।
30 जून से पहले कैबिनेट बैठक बुलाकर 1181 पे-रोल कर्मचारियों को ₹25,500 का पे-स्केल, 60% डीए एवं अन्य सभी भत्ते देने का निर्णय लिया जाएगा।
यह प्रक्रिया 800 नियमित फायर आफिसर की जॉइनिंग से पहले पूरी की जाएगी ताकि पे-रोल कर्मचारियों को वरिष्ठता का लाभ मिल सके। यह पूरी प्रक्रिया वन टाइम पॉलिसी के तहत लागू की जाएगी।
सभी नियमित, पे-रोल एवं कौशल निगम फायर कर्मचारियों को ₹5,000 जोखिम भत्ता तथा ₹7,500 वर्दी भत्ता जारी किया जाएगा।
• नियमित फायर कर्मचारियों को ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी से राहत प्रदान की जाएगी।
• सभी हड़ताली कर्मचारियों की हड़ताल अवधि को ड्यूटी पीरियड माना जाएगा तथा नियमित फायर कर्मचारियों की सेवा में किसी प्रकार का ब्रेक नहीं लगाया जाएगा।
• पे-रोल फायर कर्मचारियों की मेडिकल लीव 10 से बढ़ाकर 20 की जाएगी तथा इन अवकाशों को हर वर्ष जोड़ने की सुविधा भी दी जाएगी।


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