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फरीदाबाद के सभी फैक्ट्रीयों में कार्यरत श्रमिकों को न्यूनतम वेतन ‌15220 दिया जाए - सीटू

Posted by : pramod goyal on : Wednesday, 6 May 2026 0 comments
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 फरीदाबाद 6 मई ‌- ‌ ‌ ‌ फरीदाबाद के सभी फैक्ट्रीयों में  ‌ कार्यरत श्रमिकों   ‌ को  न्यूनतम वेतन ‌ 15220 दिया जाए। ‌‌ यह मांग सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन सीटू ‌ जिला कमेटी फरीदाबाद ने की। सीटू के प्रधान निरंतर पाराशर और जिला सचिव वीरेंद्र सिंह डंगवाल ने बताया कि सरकार ने श्रम विभाग की तरफ से 9 अप्रैल को इस आशय का पत्र जारी कर दिया


था। लेकिन अभी तक काफी फैक्ट्रीयों के  ‌ प्रबंधक  ‌ मजदूरों को संशोधित मजदूरी नहीं दे रहे हैं। जबकि उप श्रम आयुक्त महोदय ने 13 अप्रैल को सीटू के शिष्टमंडल को ‌ आश्वासन दिया था । कि सभी कारखाने के मालिकों को न्यूनतम वेतन का भुगतान मई  महीने  में ‌ करने के आदेश दिए गए हैं।‌ लेकिन हमें सूचनाओं प्राप्त हुई हैं। कि बहुत सारे कारखाने के मालिकों ने ‌ बढ़े हुए वेतन का भुगतान नहीं ‌किया  है। इसके कारण मजदूरों में ‌ नाराजगी व्याप्त हो रही है। सीटू  ने ‌ श्रमिकों को न्यूनतम वेतन देने की मांग को लेकर आज सेक्टर 24 में पर्चे वितरित किए । सीटू के ‌ जिला उपाध्यक्ष और ‌ ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के डिप्टी जनरल सेक्रेटरी ‌ देवी राम ‌, जिला कोषाध्यक्ष दिनेश पाली और उप प्रधान नरेश पावटा ने ‌ इस अभियान को जारी रखा है। उन्होंने बताया कि फरीदाबाद में श्रमिकों का भारी शोषण हो रहा है। ‌ फैक्ट्रीयों के अंदर ‌‌ ठेकेदार श्रमिकों  को डबल ओवर टाइम का भुगतान नहीं  करते हैं। उन्होंने प्रबंधकों से श्रमिकों को कंपनी के रोल पर लेने,  मानेसर में गिरफ्तार मजदूरों को बिना शर्त रिहा करने, ‌ उनके विरुद्ध दर्ज की गई  एफआईआर ‌ को रद्द करने सहित अन्य मांगों को ‌लेकर ‌ सेक्टर 24 और 25 के   विभिन्न ‌ फैक्ट्रीयों में हैंडबिल बांटे। ‌ श्रमिक नेताओं ने बताया कि हरियाणा के 14 जिले एनसीआर में आते हैं। जहां पर लाखों की संख्या में मजदूर काम करते हैं। लेकिन‌ हर राज्य में ‌ न्यूनतम वेतन अलग-अलग है। जबकि महंगाई लगातार बढ़ रही है। रसोई गैस की कीमतों में 10 गुना वृद्धि हो गई  है। लेकिन मजदूरों की मजदूरी में बढ़ोतरी नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि सीटू ‌ के लिए मजदूरों के हित   ‌ सर्वोपरि है। क्योंकि इस देश का निर्माण मजदूरों के ‌ अथक परिश्रम से ही संभव हुआ है।   उन्होंने मानेसर ‌ पुलिस द्वारा रोहतक में सीटू के नेताओं के ‌ घरों पर छापे मारने  की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने बताया कि श्रमिकों को आंदोलन करने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। सीटू ‌ जिला कमेटी ने नगर पालिका कर्मचारी संघ की हड़ताल का समर्थन करते हुए सरकार से यूनियन की मांगों को शीघ्र लागू करने की मांग की।

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