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सेक्टर 12 में उपायुक्त कार्यालय के सामने ‌गरजे ग्रामीण सफाई कर्मचारी

Posted by : pramod goyal on : Friday, 15 May 2026 0 comments
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 फरीदाबाद 15 मई -


आज ‌ सेक्टर 12 में उपायुक्त  कार्यालय के सामने ‌ गरजे  ग्रामीण सफाई कर्मचारी।

*ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने अपनी मांगों की ‌ प्राप्ति के लिए आज ‌से दो दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी। ‌ भीषण गर्मी और तेज धूप के बावजूद भी  हड़ताली कर्मचारियों ने आज लघु सचिवालय सैक्टर  12 में जम कर नारेबाजी की और  ‌ सरकार को चेतावनी दी कि यदि समय रहते  ग्रामीण सफाई कर्मचारीयों की मांगों को लागू  नहीं किया गया  तो  हड़ताल ‌ आगे भी बढ़ सकती है।‌ यूनियन ने  ‌ सरकार पर ग्रामीण सफाई कर्मियों का शोषण ‌ करने का आरोप लगाया।

      ‌ सेक्टर 12 में शुरू किए गए हड़ताली सभा की   अध्यक्षता  जिला वरिष्ठ उपप्रधान ‌‌ महेंद्र मानढोतिया ने की जबकि संचालन जिला सचिव राजू  ‌ने किया ।

  आज की  पहले दिन की हड़ताल की सभा को सीटू  के जिला सचिव वीरेंद्र सिंह डंगवाल ने संबोधित किया। उन्होंने राज्य सरकार पर ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की मांगों के अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ये कर्मचारी प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई का नियमित कार्य करते हैं। जब सफाई का कार्य नियमित है। तो इस पर रेगुलर कर्मचारियों की नियुक्ति की जानी चाहिए। राज्य के  ‌‌ उप महासचिव देवी राम  ने हरियाणा सरकार की दलित और कर्मचारी विरोधी नीतियों की आलोचना करते हुए सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मौजूदा भाजपा सरकार  अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति के उत्थान की बात करती है ।और सेवा बड़े पूंजीपति और ठेकेदारों की कर रही है। लेबर कोड्स लागू करना इसी कड़ी का हिस्सा हैं।
वक्ताओं ने कहा कि शहरी और ग्रामीण सफाई कर्मचारी लगातार आंदोलन कर रहे हैं। पॉलिसी बनाकर पक्का करने, 31 दिसंबर 2025 को  दिए गए ‌ पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट के आदेशों  को लागू करने, 400 की आबादी पर एक कर्मचारी की भर्ती करने, मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 26000 और 27000 रूपये वेतन लागू करने, एक्सग्रेसिया नीति बनाने तथा कर्मचारी की मृत्यु होने पर 50 लाख मुआवजा देने की मांग आदि को लेकर लगातार आंदोलन करते आ रहे हैं। लेकिन सरकार सफाई कर्मियों की आवाज को अनसुना कर रही है। ‌ हड़ताल  पर बैठे कर्मचारियों को सीटू के महासचिव जयभगवान ने भी संबोधित किया। उन्होंने बताया कि
 सरकार  दलित हितैषी ‌ होने का दावा करती है। लेकिन  इसका  अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है ।कि मार्च 2024 के बजट सत्र में  मुख्यमंत्री ने 1000 की आबादी पर एक ग्रामीण सफाई कर्मचारी की भर्ती करने की घोषणा की थी।, जिसको आज तक लागू नहीं किया ।आज भी 9700 पद ग्रामीण सफाई कर्मियों के खाली पड़े हैं।
24 नवंबर 2024 को मुख्यमंत्री ने 26000 हजार वेतन की घोषणा की, उसके बाद 11 जून 2025 को 2100 रुपए बढौतरी की घोषणा की जो आज तक लागू नहीं किया गया और ना ही 8 दिसंबर की वार्ता के  ‌ अनुसार नियमित करने की नीति बनाई गई।
उन्होंने कहा कि जब से भाजपा सरकार ‌ सत्ता में आई तब से  आज तक  एक भी ‌ ग्रामीण सफाई कर्मचारी को पक्का नहीं किया।
       आज की हड़ताल में ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन हरियाणा के ‌ उप महासचिव देवी राम ने
  सरकार को चेतावनी देते हुए यूनियन कहा कि  समय रहते मांगों का समाधान नहीं किया तो ग्रामीण सफाई कर्मचारी प्रदेश भर में आंदोलन को तेज करेंगे। आज की सभा को जिला कोषाध्यक्ष दिनेश पाली, ‌ नरेश पावटा,‌ राजू, ‌ मनोज हंस, आदि  ने भी संबोधित किया 
कर्मचारियों की मांगे निम्न प्रकार हैं।

1. कच्चे सफाई कर्मियों को एक कलम से पक्का किया जाए।
2. 31 दिसंबर 2025 के उच्च न्यायालय के आदेश को लागू किया जाए।
3. 400 की आबादी पर एक कर्मचारी की स्थाई भर्ती की जाए।
4. मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 26000 वो 27000 मासिक वेतन लागू किया जाएं।
5. वर्दी भत्ता, धुलाई भत्ता और औजारों के भत्ते में बढौतरी की जाए।
6. एक्सग्रेसिया पॉलिसी लागू की जाए तथा मृतक कर्मचारी के परिजन को स्थाई नौकरी दी जाए।
7. दुर्घटना में मौत होने पर 50 लाख मुआवजा राशि तथा साधारण मौत पर 20 लाख राशि दी जाए।
8. सेवानिवृत्त पर एक मुश्त 10 लाख रुपए और ग्रेच्यूटी का लाभ दिया जाए।
9. काम के औजार और वर्दी भत्ता ,धुलाई भत्ता बढ़ाया जाए।

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