हरियाणा में सरकारी कर्मचारी जनगणना ड्यूटी से दूरी बना रहे हैं। ड्यूटी लगाए जाने के बावजूद बहुत से कर्मचारी गणना करने पहुंचे ही नहीं। इसी वजह प्रशासन की ओर से 6 जिलों में 36 कर्मियों पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। अभी करीब 80 कर्मियों की ओर से नोटिस के जवाब का इंतजार है। इन पर भी एफआईआर की तैयारी है। इनमें ज्यादातर सरकारी टीचर हैं।
गुरुग्राम में 19, फरीदाबाद में 22 और सोनीपत में 18 कर्मियों पर FIR दर्ज कराने के लिए पुलिस को लिस्ट सौंप दी है। वहीं पंचकूला में 21 कर्मियों को नोटिस दिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि एफआईआर के बाद निलंबन की कार्रवाई होगी।
दूसरी तरफ, कर्मचारियों का कहना है कि उन पर एक्स्ट्रा काम का बोझ डाल दिया है। कई कर्मचारियों को तो वोटर लिस्ट रिवीजन (SIR), जनगणना के साथ-साथ स्कूल का काम भी करना पड़ रहा है। फील्ड में लोग उल्टे-सीधे सवाल पूछते हैं। डाटा लीक का हवाला देते हुए भगा देते हैं। इस तरह की कई वीडियो भी सामने आए हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें एक साथ 3-3 ड्यूटी दे दी गई हैं। वोटर लिस्ट रिवीजन + जनगणना + स्कूल का काम। एक टीचर पर 3 जिम्मेदारी का बोझ हो गया है। फील्ड वर्क घंटों करना पड़ता है, अलग से पेमेंट/भत्ता नहीं मिलता है। कर्मचारी बहाना बना रहे हैं कि धूप से एलर्जी है। एक 55 साल की टीचर ने लिखा है कि मुझे गठिया है, सीढ़ी चढ़ने से पैर सूज जाते हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि जब वो जानकारी लेने फील्ड पर जाते हैं तो लोग उनका विरोध करते और कुछ भी बताने से कतराते हैं। जुलाना से ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें लोग अपने घर की जानकारी देने से मना करते हैं और कर्मचारी को डाटा लीक होने की बात कहते हैं।

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