HEADLINES


More

नाबालिग से दुष्कर्म मामले में पीड़ित की उम्र जितनी कम, उतनी ही कठोर होगी सजा - HC का ऐतिहासिक फैसला

Posted by : pramod goyal on : Saturday, 11 April 2026 0 comments
pramod goyal
Saved under : , ,
//# Adsense Code Here #//

 चंडीगढ़: पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने नाबालिगों के खिलाफ बढ़ते यौन अपराधों पर लगाम लगाने के लिए एक बड़ा और कड़ा कानूनी सिद्धांत स्थापित किया है। कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि बच्चों के खिलाफ होने वाले यौन शोषण के मामलों में सजा का पैमाना केवल अपराध की प्रकृति नहीं, बल्कि 'पीड़ित की उम्र' भी होगी। अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि "पीड़ित की उम्र जितनी कम होगी, दोषी को मिलने वाली सजा उतनी ही अधिक और कठोर होनी चाहिए।"


जस्टिस की पीठ ने समाज में बच्चों की सुरक्षा


को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि एक छोटे बच्चे के साथ किया गया कुकृत्य केवल शारीरिक हमला नहीं है, बल्कि यह उसके आने वाले पूरे जीवन और मानसिक स्वास्थ्य पर एक गहरा आघात है। कोर्ट ने माना कि बहुत कम उम्र की बच्चियों के साथ होने वाली दरिंदगी उनके कोमल मानस को इस कदर झकझोर देती है कि वह कभी उस सदमे से बाहर नहीं आ पातीं। इसलिए, ऐसे मामलों में अपराधी के प्रति किसी भी तरह की उदारता दिखाना न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध होगा।

अदालत ने निचली अदालतों के लिए एक दिशा-निर्देश तय करते हुए कहा कि सजा सुनाते समय अपराधी की उम्र या उसकी पारिवारिक स्थिति को देखने के बजाय इस बात पर गौर किया जाना चाहिए कि पीड़ित बच्चा कितना असहाय और मासूम था।

No comments :

Leave a Reply