फरीदाबाद -17 अप्रैल। नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा शाखा हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के आह्वान पर 8 अप्रैल से चल रही अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल दसवे दिन भी फरीदाबाद दमकल केंद्र पर जारी रही दसवे दिन की हड़ताल की अध्यक्षता जिला प्रधान में मेघश्याम ने कि व संचालन बृजमोहन ने किया। हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों को संबोधित करते हुए राज्य प्रधान राजिन्दर सिन्द व महासचिव गुलशन भारद्वाज ने बताया की सरकार फायर कर्मचारीयों की मांगों का समाधान करने की बजाय फायर कर्मचारियों के बीच में झूठी अफवाहें फैलाकर फायर कर्मचारियों के आंदोलन को कुचलना चाहती है जिसको बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यूनियन नेताओ ने स्पष्ट किया है कि सरकार फायर कर्मचारियों की जायज़ मांगों को लेकर पूरी तरह उदासीन बनी हुई है। हड़ताल का समाधान निकालने के बजाय सरकार की बेरुखी ने आम जनता की जान को भी जोखिम में डाल दिया है। लगातार बढ़ती आगजनी की घटनाओं के बीच फायर सेवाओं का प्रभावित होना एक गंभीर चिंता का विषय है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार पर है। फायर कर्मचारियों ने एक स्वर में ऐलान किया है कि जब तक उनकी मांगों को लेकर ठोस आदेश जारी नहीं किए जाते, तब तक यह हड़ताल किसी भी कीमत पर समाप्त नहीं की जाएगी।
यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसके तहत हरियाणा के सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं और जिला परिषदों के आगामी चुनावों में फायर कर्मचारी जनता के बीच हैंडबिल वितरण अभियान चलाकर सरकार की नीतियों की पोल खोलेंगे। इसके अतिरिक्त शहरों में रोड शो और विरोध प्रदर्शन आयोजित कर सरकार के खिलाफ व्यापक जनमत तैयार किया जाएगा। संघ नेताओं ने स्पष्ट किया है कि यह संघर्ष केवल उनके अधिकारों का नहीं, बल्कि जनता की सुरक्षा और न्याय का भी है, और जब तक न्याय नहीं मिलता, यह आंदोलन निरंतर जारी रहेगा।मौके पर राज्य कमेटी के सदस्य रामपाल,जय प्रकाश,फरीदाबाद से राजेन्द्र, राजेश, विजय पाल,अक्षय लिडिंग फायर मैन राकेश,विनय, आदि ने भी सम्बोधित किया।मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
फरीदाबाद अग्निकांड में शहीद हुए दमकल कर्मचारियों को शहीद का दर्जा दिया जाए।
मृतक आश्रितों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए।
परिवार के एक सदस्य को पक्की सरकारी नौकरी प्रदान की जाए।
कच्चे कर्मचारियों को विभाग में सृजित फायर ऑपरेटर के पदों पर समायोजित कर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार पक्का किया जाए।
जब तक नियमितीकरण नहीं होता, तब तक समान काम के लिए समान वेतन लागू किया जाए।

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