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फरीदाबाद,19 अप्रैल। 16 फरवरी को फरीदाबाद के गांव मुजेसर स्थित एक स्टील कंपनी में भीषण आग लगने की घटना के दौरान आग बुझाते हुए दो दमकल कर्मचारी भवीचंद शर्मा व रणवीर सिंह की दर्दनाक मौत हो गई थी। इन दोनों बहादुर दमकल कर्मचारियों के बलिदान को न्याय दिलाने तथा विभागीय समस्याओं के समाधान को लेकर नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा एवं हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के आह्वान पर 8 अप्रैल से प्रदेशभर में दमकल कर्मियों की ऐतिहासिक हड़ताल चल रही है। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा और सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री व महासचिव कृष्ण कुमार
नैन ने भी हड़ताल और मांगों का पुरजोर समर्थन किया है और शीघ्र दमकल कर्मचारियों की मांगों का समाधान कर हड़ताल समाप्त करवाने की मुख्यमंत्री से मांग की है। नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा से संबंधित हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के राज्य प्रधान राजेन्द्र सिण्द ने हड़ताल को ऐतिहासिक सफलता का दावा किया। उन्होंने कहा कि लगभग शत-प्रतिशत दमकल कर्मी अपने दोनों शहीद साथियों को न्याय दिलाने के लिए एकजुट हैं और हड़ताल को विफल बनाने के विभाग के सभी प्रयास विफल हो गये है। उन्होंने कहा कि जब तक अग्निकांड में अकाल मृत्यु का शिकार हुए भवीचंद शर्मा व रणबीर सिंह को शहीद का दर्जा, मृतक आश्रितों को एक एक करोड़ आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी पक्की नौकरी सहित अन्य मांगों का समाधान नहीं होगा हड़ताल जारी रहेगी।
महासचिव गुलशन भारद्वाज ने बताया कि हड़ताल के नोटिस को विभाग ने गंभीरता से नहीं लिया। हड़ताल शुरू होने से ठीक पहले 3 और 6 अप्रैल को पंचकूला मुख्यालय में फायर महानिदेशक के साथ दो दौर की वार्ता हुई, जबकि 9 अप्रैल को एक अहम बैठक राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री विपुल गोयल के साथ चंडीगढ़ सचिवालय में संपन्न हुई। दुर्भाग्यवश तीनों बैठकों में कर्मचारियों की मांगों पर कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया, जिससे कर्मचारियों में भारी रोष है और हड़ताल जारी है।
हड़ताली कर्मचारियों का स्पष्ट कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस आदेश जारी नहीं करती, तब तक यह आंदोलन किसी भी कीमत पर समाप्त नहीं किया जाएगा, चाहे हड़ताल कितनी ही लंबी क्यों न चलानी पड़े। उन्होंने सरकार की हठधर्मिता पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेशभर में लगातार आगजनी की घटनाएं हो रही हैं, जिससे आम जनता की जान-माल को खतरा बना हुआ है। कई स्थानों पर आग बुझाने के प्रयासों के दौरान ग्रामीणों की भी जानें गई हैं, लेकिन इसके बावजूद सरकार पूरी तरह से उदासीन बनी हुई है।
यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
प्रमुख मांगे निम्न हैं:-
1.फरीदाबाद के दिवंगत दोनों दमकल कर्मचारियों को शहीद का दर्जा दिया जाए, उनके आश्रितों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को पक्की सरकारी नौकरी प्रदान की जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं के लिए स्थायी नीति ( बनाई जाए।
2.विभाग अपने स्तर पर कच्चे दमकल कर्मचारियों को वर्ष 1996, 2018 एवं मार्च 2021 की नीतियों के अनुरूप वन टाइम पॉलिसी बनाकर विभाग में सृजित फायर ऑपरेटर के पदों पर नियमित (पक्का) किया जाए।
3.कच्चे दमकल कर्मचारियों को ₹25,500 मूल वेतन + 58% महंगाई भत्ता तथा अन्य सभी प्रकार के भत्ते दिए जाएं इसके साथ वर्ष 2022 से एरियर का भुगतान किया जाए।
4.रेगुलर कर्मचारियों के लिए लागू ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी में राहत प्रदान की जाए, ताकि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान हो सके व कच्चे कर्मचारियों को वन टाइम पॉलिसी बनाकर गृह जिला प्रदान किया जाए।
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