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फरीदाबाद 1 अप्रैल स्टार वायर वर्कर्स यूनियन , हरियाणा टैक्स प्रिंट वर्कर यूनियन, संबंधित(सीटू ) ने 1 अप्रैल को केंद्र सरकार के द्वारा आज से चार श्रम संहिताओं को लागू करने के विरोध में काला दिवस मनाया । वर्कर अपनी अपनी कंपनी के गेट के सामने एकत्रित हुए। यहां पर एक विरोध सभा आयोजित की गई। इसमें जोरदार नारे लगाए गए। वर्कर चारों श्रम संहिताओं को वापस लो, मजदूर विरोधी कानून नहीं चलेंगे के नारे लगा रहे थे। सभी वर्करों ने काली पटियां बांध रखी थी। इसके बाद में वर्करों ने नये श्रम कानूनों की प्रतिलिपियां हाथ में लेकर जलाई। यह कार्यवाही केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ट्रेड के आह्वान पर की गई
। श्रमिकों को संबोधित करते हुए सीटू के जिला सचिव वीरेंद्र सिंह डंगवाल ने बताया कि इन संहिताओं के लागू से मजदूरों का शोषण बढ़ेगा। मालिकों को मजदूरों के खिलाफ कार्रवाई करने की छूट मिल जाएगी। केंद्र सरकार ने चार श्रम संहिताओं को अमल में लाने हेतु नियमों की अधिसूचना पहले से घोषित कर दी । जबकि देश की तमाम ट्रेड यूनियन
ट्रेड यूनियनें इन श्रम-विरोधी, नियोक्ता समर्थक श्रम संहिताओं का विरोध करती आ रही हैं। जिन्हें तथाकथित 'श्रम सुधार' और "इज ऑफ डूइंग बिजनेश" के नाम पर लाया गया है। 12 फरवरी की ऐतिहासिक आम हड़ताल के बाद भी केंद्र सरकार इन श्रम संहिताओं को वापस लेने या इस मुद्दे पर केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के साथ बातचीत करने को भी तैयार नहीं है।
इतने गंभीर मुद्दे पर, जो देश के श्रमिकों के जीवन से जुड़ा है। इसके लिए काफी समय से भारतीय श्रम सम्मेलन भी नहीं बुलाया गया। यह अंतरराष्ट्रीय श्रम मानकों का उल्लंघन है, जिनके प्रति भारत एक राष्ट्र के रूप में प्रतिबद्ध है।

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