राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) उत्तर भारत में पैरलल मुख्यालय बनाने की तैयारी में है। इसका प्रस्ताव हरियाणा के पानीपत में चल रही अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में रखा जाएगा। तीन दिवसीय सभा के आखिरी दिन रविवार (15 मार्च) को सभी प्रस्तावों पर निर्णय होगा। आरएसएस सर संघचालक डॉ. मोहन भागवत का संबोधन भी इसी दिन होगा।
संघ सोर्सेज के मुताबिक पानीपत के पट्टी कल्याणा में आरएसएस के माधव सृष्टि सेवा साधना एवं ग्राम विकास केंद्र को विकसित किया जाएगा। यहां से उत्तर भारत के सभी राज्यों की गतिविधियां कंट्रोल करना आसान है। अभी आरएसएस का नागपुर (महाराष्ट्र) मुख्यालय 1925 से संचालित हो रहा है।
2024 के लोकसभा के चुनावों में बहुमत से चूकी भाजपा की यूपी समेत उत्तर भारत के राज्यों में सीटें घटीं थी। आरएसएस हिंदी पट्टी में प्रभाव कम नहीं होने देना चाहिए। इसलिए दक्षिण राज्यों पर फोकस बढ़ाने के साथ ही उत्तर में पकड़ मजबूत रखने का प्रयास है। पंजाब,बंगाल, तमिलनाड़ू और केरल आरएसएस की प्रायोरिटी में हैं।
100 साल पुराने आरएसएस के स्ट्रक्चर में बदलाव का प्रस्ताव भी सुझावों के लिए रखा जाएगा। संघ निचले स्तर तक ताकत पहुंचाने के लिए अब डिसेंट्रलाइजेशन करने की दिशा में है। फैसले लेने वाली बॉडी सभी सुझावों को लेकर प्रस्ताव तैयार करेगी जो अगली बैठक में पारित होगा। साल 2027 में होने वाले यूपी चुनाव से पहले स्ट्रक्चर में बदलाव होगा।

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