HEADLINES


More

चार दिवसीय "यजुर्वेद पारायण यज्ञ" का शुभारंभ

Posted by : pramod goyal on : Thursday, 26 March 2026 0 comments
pramod goyal
Saved under : , ,
//# Adsense Code Here #//

 फरीदाबाद।

मर्यादित महिला या पुरुष जीवन में कभी भी असफल नहीं हो सकता। मर्यादा में रहकर व्यक्ति अपनी समाज में  अच्छी छाप छोड़ कर लोगों का चहेता बन सकता है। यह बात दिल्ली आर्य प्रतिदिन सभा के महामंत्री विनय आर्य ने ग्रेटर फरीदाबाद स्थित श्रद्धा मंदिर स्कूल में चल रहे चार दिवसीय "यजुर्वेद पारायण यज्ञ" में उपस्थित जन समुदाय एवं छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि इतिहास और हमारे धार्मिक ग्रंथ इस बात के गवाह है कि जब-जब लोगों ने मर्यादा का उल्लंघन किया तब -तब, व्यक्तिगत तथा कुल की हानि उठानी पड़ी   है,इसलिए हमें मर्यादा में रहकर अपने कार्यों को करना चाहिए। इससे पूर्व यजुर्वेद पारायण यज्ञ का आयोजन किया जिसमें सैकड़ो लोगों ने राष्ट्रीय समृद्धि की कामना हेतु अपनी आहुतियां दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्रह्मचारी राजेंद्र सिंह ने की। आर्य समाज पर चर्चा करते हुए डॉक्टर नरेंद्र अग्निहोत्री ने कहा कि स्वामी दयानंद सरस्वती ने आर्य समाज की स्थापना इसीलिए की थी कि लोगों में राष्ट्रभक्ति, पाखंडता से दूरी तथा आपसी प्रेम बना रहे यही वह शिक्षाएं जो हमें राष्ट्र के प्रति जोड़ने का कार्य करती है ।आर्य समाज के लोगों ने देश की आजादी के लिए कुर्बानियां दी और आज भी आर्य समाज परोपकारी कार्यों में जुटा है। इससे पूर्व कार्यक्रम के संयोजक डॉक्टर गजराज सिंह आर्य ने सभी विद्वान वक्त़ाओं का स्वागत करते हुए कहा कि उनका मकसद युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और परंपराओं और आर्य समाज की नीतियों से जोड़ना है, ताकि युवा पीढ़ी हमारी संस्कृति से रूबरू होते हुए देश पर कुर्बान हुए लोगों के बारे में विद्वानों से ज्ञान प्राप्त कर सकें। इस अवसर पर मूलचंद आर्य, राजकुमार आर्य, श्रीमती राजेश, नंदलाल कालड़ा, विमला ग्रोवर, योगेंद्र फोर, हर्षित, सुधीर बंसल, वसुमित्र सत्यार्थी सहित विभिन्न  आर्य समाजों के प्रतिनिधि, शहर के गणमान्य लोग उपस्थित थे।


No comments :

Leave a Reply