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भगतसिंह की शहादत ने आजादी के आंदोलन को गति देने और उत्प्रेरक का काम किया: बादल सरोज

Posted by : pramod goyal on : Monday, 23 March 2026 0 comments
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 फरीदाबाद,23 मार्च।


सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्यव्यापी आह्वान पर शहीदी दिवस पर मंगलवार को नगर निगम कांफ्रेंस हॉल में "साम्राज्यवाद की बर्बरता और भगतसिंह के विचार" विषय पर सेमीनार का आयोजन किया जाएगा। सेमीनार को अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय सचिव कॉमरेड बादल सरोज ने बतौर मुख्य वक्ता संबोधित किया।
अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा, कोषाध्यक्ष शशिकांत राय व सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष नरेश कुमार शास्त्री आदि सभी अन्य कार्यकर्ताओं ने शहीदे आजम भगतसिंह, राजगुरु व सुखदेव की को याद किया और श्रृद्धासुमन अर्पित कर सेमीनार की शुरुआत की। जिला प्रधान करतार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित सेमीनार में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के सैकड़ों की संख्या में कर्मचारियों ने भाग लिया। संचालक सचिव बलबीर सिंह बालगुहेर ने किया। अखिल भारतीय किसान सभा के संयुक्त सचिव एवं लोक जतन के संपादक बादल सरोज ने बतौर मुख्य वक्ता सेमीनार को संबोधित करते हुए कहा कि "भगत सिंह की शहादत ने स्वतंत्रता संग्राम को निर्णायक गति ही नहीं दी थी बल्कि आजादी के बाद भारत ने जिस रास्ते को चुना उसके लिए वातावरण भी तैयार किया था। आज जिस भंवर में देश को धकेल दिया गया है उससे बाहर लाने का रास्ता भगत सिंह से सीख लेकर और जिद के साथ उन पर चलकर ही निकलेगा। " 

शहीदे आज़म भगत सिंह और उनके साथियों को क्रान्तिकारी आंदोलन को व्यापक और सार्थक दृष्टिकोण तथा दिशा देने वाला बताते हुए बादल सरोज ने कहा कि गिनती में कम दिखने वाली इस धारा ने आजादी की लड़ाई को धर्म के पाश से मुक्त कर सभी भारतीयों, सभी धर्मों, सभी संस्कृतियों की साझी मुहिम बनाया। धर्मनिरपेक्ष राजनीति की वह सोच रखी जो बाद में स्वतंत्र देश की नीति का मुख्य आधार बनी। उन्होंने भगत सिंह को ऐसा क्रांतिकारी बताया जिन्होंने साम्राज्यवाद को पहचाना था और अपनी लड़ाई को सिर्फ अंग्रेज सम्राज्यवाद के खात्मे तक ही नहीं रखी थी साम्राज्यवादी व्यवस्था की समाप्ति का लक्ष्य लिया था।

सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार व अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने कहा कि मौजूदा दौर में भगत सिंह की प्रासंगिकता रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि आज सिर्फ दुनिया पर ही नहीं भारत जैसे बड़े देशों पर भी अमरीकी साम्राज्यवाद झपट रहा है। इरान पर हमला एक बानगी है। इस हमले से वह इरान से जो छीनना चाहता है भारत जैसे देशों से वह उसे बांह मरोड़कर टैरिफ़ और धमकी देकर हासिल कर रहा है। भगत सिंह के देश की सरकार ट्रम्प जैसे दुष्ट, अपराधी और घिनौने व्यक्ति से डर के अपने मित्र देशों पर हमले के खिलाफ भी नहीं बोल पा रही है। जिस समय देश की जनता की एकता सर्वोपरि है उसे ही छिन्न भिन्न करने में लगी है। उन्होंने अपील की कि देश को बचाने के लिए भगत सिंह के पैगाम को याद करना, उन पर चलना जरूरी है।


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