वाहनों की तेज रफ्तार दोपहिया और पैदल चलने वालों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। साल 2023 में देशभर में हुए सड़क हादसों में 66 फीसदी दोपहिया चालकों को जान गंवानी पड़ी। इसके बाद पैदल चलने वाले 30 फीसदी लोगों की ओवरस्पीड ने जान ली। चार फीसदी साइकिल सवार लोग भी तेज रफ्तार के कारण मारे गए। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खड़गपुर के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर एवं सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ भार्गव मैत्रा की वर्ष 2020 से 2023 के बीच की गई सड़क हादसों के विश्लेषण रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है।
भार्गव मैत्रा ने सरकार को सुझाव दिया है कि देशभर में बढ़ते सड़क हादसों को रोकने में गति नियंत्रण के प्रबंधन ही काम आएंगे। जब तक सभी राज्यों में सुरक्षित यातायात के लिए धरातल पर ठोस इंतजाम नहीं होते तब तक विकल्पों को अपनाना होगा। अभी गति नियंत्रण के प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। यही वजह है कि हादसों में (पैदल, साइकिल व दोपहिया वाहन चालक) मरने वालों की संख्या सर्वाधिक 69.9 फीसदी है।

No comments :