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फरीदाबाद 23 मार्च -
आर डब्ल्यू ए प्रोग्रेसिव रजिस्टर नंबर 02044 सेक्टर 2 फरीदाबाद ने आज शहीद ए आज़म भगतसिंह, राजगुरु और सुखदेव का शहीदी दिवस मनाया। सबसे पहले शहीद भगत सिंह पार्क में तीनों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण करके पुष्प अर्पित किए गए। इस अवसर पर आर डब्ल्यू ए के प्रधान, महासचिव, कोषाध्यक्ष के अलावा ओम प्रकाश, वीरेंद्र कुमार वर्मा, कमल गुप्ता, संजय गुप्ता, राजेश शर्मा, अरविंद सिंगल ,देवेंद्र शर्मा, विपिन, अशोक शर्मा, विजेंद्र मंगला, अजय, शिवकुमार राजपूत, डॉक्टर संतोष वर्मा, अमरजीत सिंह नेहरा, शिवप्रसाद, धर्मवीर वैष्णव, विकास गुप्ता, एस पी त्यागी, हरिओम गुप्ता, आदि ने भी पुष्पांजलि अर्पित की। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान जगदीश अधाना ने की। इस मौके पर बोलते हुए आर डब्ल्यू ए प्रोग्रेसिव के जनरल सेक्रेटरी वीरेंद्र सिंह डंगवाल ने बताया कि भगत सिंह राजगुरु सुखदेव भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारी थे। जिन्होंने लाजपत राय की मौत का बदला लेने के लिए 1928 में लाहौर में ब्रिटिश पुलिस अधिकारी जान सांडर्स को मारा था। 23 मार्च 1931 को लाहौर जेल में तीनों को फांसी दी गई। इस दिन को शहीद दिवस के रूप में याद किया जाता है। यह इतिहास की सबसे बड़ी घटना थी। उन्होंने कहा ब्रिटिश हुकूमत ने तीनों क्रांतिकारियों को फांसी तो दे दी लेकिन अंग्रेज उनकी सोच उनके हौसलें और उनके सपनों को कभी फांसी नहीं दे पाए। उनका उद्देश्य था। लाला लाजपत राय की हत्या का बदला लेना और भारत को स्वतंत्र करना जिसके लिए उन्होंने हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन के साथ मिलकर काम किया। इंकलाब जिंदाबाद का नारा दिया। उनके क्रांतिकारी विचार आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। इन वीरों ने हंसते-हंसते देश के लिए अपनी कुर्बानी दे दी। जिसके लिए उन्हें भारत के इतिहास में सबसे प्रमुख क्रांतिकारियों में गिना जाता है। वह देश के लिए बेखौफ लड़ते रहे। उनका संघर्ष और सर्वोच्च बलिदान हर भारतवासी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका बलिदान महज शहादत नहीं बल्कि उस समय सोए हुए भारत को जगाने वाली एक ऐसी हुंकार थी। जिसे ब्रिटिश साम्राज्य की नींव हिला कर रख दी । हमें महान शहीदों की विरासत की रक्षा करनी चाहिए यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। आज के कार्यक्रम शिवप्रसाद, धर्मवीर वैष्णव, विकास गुप्ता, एसपी त्यागी, हरिओम गुप्ता की उपस्थित रहे।

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