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जनता के मुद्दों को लेकर सीपीआईएम की 24 मार्च को रामलीला मैदान दिल्ली में होगी जन आक्रोश रैली

Posted by : pramod goyal on : Thursday, 19 March 2026 0 comments
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 फरीदाबाद,19 मार्च।


जनता के मुद्दों को लेकर सीपी

आईएम की 24 मार्च को रामलीला मैदान दिल्ली में जन आक्रोश रैली का आयोजन किया जाएगा। रैली की तैयारियों को लेकर राज्य भर में पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों के नेतृत्व में जत्थे चल रहे हैं। पार्टी राज्य नेताओं सुरेंद्र मलिक, जय भगवान व ऊषा सरोहा के नेतृत्व में चल रहा एक जत्था बृहस्पतिवार को फरीदाबाद पहुंचा और बदरपुर बॉर्डर राजीव नगर व बल्लभगढ़ में सभाएं की। कर्मचारियों ने इस अवसर पर पुरानी पेंशन बहाली, ठेका कर्मियों और स्कीम वर्कर्स को रेगुलर करने, निजीकरण पर रोक लगाने आदि मांगों को लेकर अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपा गया और रैली में उनकी उक्त मांगों को प्रमुखता से उठाने की मांग की। सीपीआईएम के राज्य सचिव मंडल सदस्य कॉमरेड सुरेन्द्र मलिक व जय भगवान ने सभाओं को संबोधित करते हुए केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार किसान-मजदूर की रोजी-रोटी पर हमला कर रही है। भारत सरकार ने यूरोपियन यूनियन और अमेरिका के साथ किए मुक्त व्यापार समझौता किया है। इससे देश के कृषि और डेयरी उत्पाद पूरी तरह बर्बाद हो जाएंगे, इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था चरमरा जाएगी।

पार्टी नेताओं ने कहा कि बिजली संशोधन बिल लाकर बिजली निजी कंपनियों को देने जा रही है। लेबर कोड्स के जरिए मज़दूरों को गुलाम बनाने की तैयारी कर रही है। मनरेगा को बदल कर मज़दूरों से 100 दिन रोज़गार का अधिकार छीन कर इसे स्कीम बना दिया है। महिलाओं पर अपराध बढ़ रहे हैं। एक तरफ मजदुर, किसान, मज़दूरों, महिलाओं, कर्मचारियों, व्यापारियों पर हमले बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जनता को धर्म और जाति के नाम पर बांटने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा अमेरिका और इजरायल पर हमला निंदनीय है। यह न केवल हत्यारी मुहिम है, बल्कि तेल पर कब्जा करने के लिए किया जा रहा है। इसके चलते हुए देश ओर दुनिया पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में भारी बढ़ौतरी हो रही है। भारत ने इस मुहीम की निंदा तक नहीं की व अमेरिका के सामने घुटने टेक कर हमारी विदेश नीति के विपरीत देश को शर्मसार किया है।

सभाओं को जिला सचिव वीरेंद्र डंगवाल, पार्टी नेता नेताओं निरंतर पराशर, शिव प्रसाद, रवि आदि ने बताया कि बीज विधेयक 2026 और बिजली निजीकरण रद्द करने, मजदूरों के लिए चार लेबर कोड रद्द कर पुराने 29 कानूनों को बहाल करने, कच्चे कर्मचारियों और परियोजना वर्करों को पक्का कर पुरानी पेंशन योजना लागू करने, ऑटो रिक्शा चालकों के लिए सामाजिक सुरक्षा की मांगे प्रमुखता से उठाई जाएगी। उन्होंने केरल की वामपंथी सरकार की वैकल्पिक आर्थिक नीतियों का उदाहरण देते हुए कहा कि पूरे देश में ऐसी ही जनहितैषी नीतियों की आवश्यकता है। पार्टी नेताओं ने अपील की कि अपने अधिकारों की रक्षा के लिए 24 मार्च को भारी संख्या में दिल्ली के रामलीला मैदान पहुंचें।

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