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फरीदाबाद के महिला पुलिस थाना NIT में प्रकृति-आधारित वर्षा जल संचयन मॉडल का उद्घाटन

Posted by : pramod goyal on : Wednesday, 25 February 2026 0 comments
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 फरीदाबाद, 25 फरवरी 2026:


फरीदाबाद के एनआईटी महिला पुलिस थाने में बार-बार जलभराव और शहरी बाढ़ की समस्या एक गंभीर चुनौती बन गई थी, जिससे परिसर में दैनिक कार्य, स्वच्छता और सुरक्षा प्रभावित हो रहे थे। भारी वर्षा के दौरान जमा पानी से आवाजाही बाधित होती थी और पर्यावरणीय चिंताएँ बढ़ जाती थीं, जो एक स्थायी और दीर्घकालिक समाधान की तत्काल आवश्यकता को दर्शाती थीं।

इस समस्या की गंभीरता को समझते हुए, नवज्योति इंडिया फाउंडेशन ने जल शक्ति मंत्रालय के राष्ट्रीय जल मिशन के अनुरूप अपने सीएसआर कार्यक्रम के अंतर्गत एसएमएफजी इंडिया होम फाइनेंस के सहयोग से यह पहल शुरू की।“वॉटर सिक्योर विमेन पुलिस स्टेशन” पहल के माध्यम से एक प्रकृति-आधारित वर्षा जल संचयन परियोजना  की परिकल्पना की गई और उसे लागू किया गया, ताकि इस स्थल को जल-सुरक्षित सार्वजनिक संस्थान में परिवर्तित किया जा सके।

“लेट नेचर लीड – ए कन्वर्जेंस ऑफ इंस्टीट्यूशन्स फॉर क्लाइमेट रेजिलिएंस” विषय पर आयोजित उद्घाटन समारोह के दौरान नवज्योति इंडिया फाउंडेशन की समन्वयक निदेशक डॉ. चांदनी बेदी ने बताया कि इस हस्तक्षेप के अंतर्गत एक एकीकृत प्रणाली विकसित की गई है, जो वर्षा जल को संग्रहित, फिल्टर और भू-जल में पुनर्भरण करने के साथ-साथ जलभराव के मूल कारणों को भी दूर करती है। इस संरचना में एक सेडिमेंटेशन-कम-फिल्ट्रेशन टैंक, दो गली ट्रैप, 67 मीटर लंबी नाली तथा 62 मीटर लंबा बायोरिटेंशन सेल शामिल है, जिसमें इंजीनियर्ड मिट्टी और प्रदूषक अवशोषित करने वाले पौधे लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त एक रिचार्ज पिट और दो रिचार्ज कुआँ भी बनाया गया है, जिससे प्रतिवर्ष लगभग 12 लाख लीटर भू-जल पुनर्भरण की अनुमानित क्षमता विकसित हुई है, साथ ही स्थल की जल निकासी और पर्यावरणीय स्वास्थ्य में भी सुधार हुआ है। इस कार्यक्रम का आयोजन श्रीराम मॉडल स्कूल के सहयोग से किया गया, जिसमें तकनीकी साइट वॉक-थ्रू, विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और एक पैनल चर्चा शामिल रही।

इस संरचना का उद्घाटन पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल एवं नवज्योति इंडिया फाउंडेशन की संस्थापक डॉ. किरण बेदी; पुलिस उपायुक्त मुख्यालय, अभिषेक जोरवाल ; एसएमएफजी इंडिया होम फाइनेंस के एमडी एवं सीईओ श्री दीपक पाटकर द्वारा किया गया जहाँ अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

इस अवसर पर डॉ. किरण बेदी ने कहा कि यह पहल एक ऐसा सहयोगात्मक एवं विस्तार योग्य मॉडल प्रस्तुत करती है जिसे सार्वजनिक संस्थानों में व्यापक रूप से लागू कर जल सुरक्षा को सुदृढ़ किया जा सकता है। सहायक पुलिस आयुक्त, बड़खल विनोद कुमार ने पुलिस अवसंरचना के लिए इस संरचना के दीर्घकालिक स्थायित्व और परिचालन लाभों पर प्रकाश डाला, जबकि श्री दीपक पाटकर ने कहा कि इस प्रकार की अभिनव हरित अवसंरचना दैनिक परिचालन संबंधी चुनौतियों का समाधान करते हुए सार्थक पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करती है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि एसएमएफजी इंडिया होम फाइनेंस विश्वसनीय भागीदारों के साथ मिलकर ऐसे समाधान विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिनसे समुदायों को वास्तविक लाभ मिले और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी भी बनी रहे। मानव रचना यूनिवर्सिटी से बिटेक्नोलॉजी प्रोफेसर डॉ. निधि डीडवानिया और श्रीराम मॉडल स्कूल की प्राचार्य डॉ. अमृता ज्योति सिंधु ने भी अपने विचार साँझा किये।

आज यह पुलिस थाना सतत शहरी जल प्रबंधन का एक आदर्श बनकर उभरा है — जहाँ जलभराव में उल्लेखनीय कमी आई है, स्वच्छता और सुरक्षा में सुधार हुआ है, और दीर्घकालिक भू-जल पुनर्भरण में योगदान मिल रहा है। कार्यक्रम का समापन फरीदाबाद के NIT ज़ोन के सहायक पुलिस आयुक्त, श्री विनोद कुमार द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसके बाद जलवायु समुदाय के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हितधारकों के बीच नेटवर्किंग सत्र आयोजित किया गया।


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