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जॉइंट ट्रेड यूनियन काउंसिल का शिष्टमंडल ‌जॉइंट डायरेक्टर हेल्थ और सेफ्टी लेबर डिपार्मेंट से मिला।‌

Posted by : pramod goyal on : Friday, 20 February 2026 0 comments
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 फरीदाबाद 20 फरवरी - आज  ‌मुजेसर  कालका ‌ स्टील एवं मेटल शॉप में 16 फरवरी को हुए अग्निकांड के मुद्दे को लेकर  जॉइंट ट्रेड यूनियन काउंसिल का शिष्टमंडल ‌ जॉइंट डायरेक्टर हेल्थ और सेफ्टी लेबर डिपार्मेंट सेक्टर 12 से मिला।‌ उन्होंने विभाग के अधिकारी के सम्मुख ‌ कारखानों में ‌ अपर्याप्त सुरक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दे को उठाया।‌इस बाबत एक ज्ञापन  भी दिया। बकौल जॉइंट डायरेक्टर हेल्थ और सेफ्टी श्रम विभाग फरीदाबाद के अनुसार यह फैक्ट्री नहीं बल्कि शॉप है। जो फैक्ट्री एक्ट के अंतर्गत नहीं आती है। इसके बावजूद भी इस 


कार्यालय ने उच्च अधिकारियों द्वारा इस संबंध में मांगी गई तमाम प्रकार की जानकारियों को भेजा है। ‌ इस विभाग के अधिकारी घटनास्थल पर जाकर के मौका देखकर करके आए थे। इस बारे   में प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि फरीदाबाद में छोटे, बड़े - मझौले किस्म के ‌ लगभग 30 हजार ‌ वर्कशॉप और फैक्ट्रियां हैं ।‌ जो लगातार स्वास्थ्य और सुरक्षा के मानकों की अवहेलना करते हैं। ‌ लेकिन श्रम विभाग का हेल्थ और सेफ्टी डिपार्मेंट ‌ मुक दर्शक बना रहता है। इनके खिलाफ मानकों की अवहेलना करने की कार्रवाई नहीं होती है। परिणाम स्वरुप बड़े पैमाने पर मानव जीवन की  हानि हो रही है।‌ ज्ञात है। कि इस शॉपमें भीषण अग्निकांड  ‌ हुआ  था। ‌ जिसमें दर्जनों लोगों ‌ झुलस और बुरी तरह से जल गए थे। ‌इनको मुआवजा और निशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने हेतु जॉइंट ट्रेड यूनियन काउंसिल फरीदाबाद का शिष्टमंडल  ‌ ‌ प्रशासनिक अधिकारियों से पहले मिल चुका है। ‌  ‌ शिष्टमंडल में ‌ कन्वीनर वीरेंद्र सिंह डंगवाल, ‌इंटक के  ‌ जिला प्रधान हुकमचंद बेनीवाल, ‌ हिंद मजदूर सभा के राज्य कमेटी के नेता आर डी यादव, ‌ सीटू के जिला उपाध्यक्ष शिव प्रसाद, ‌   ‌इंटक के ‌ नेता संजय कुमार  ‌ ‌ शामिल रहे। प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि फैक्ट्रीयों में श्रमिकों के साथ मालिकों के द्वारा सुरक्षा के उपकरण उपलब्ध करवाने की मांग करने पर उनके विरुद्ध ही कार्रवाई की जाती है। अधिकांश कारखानों में ठेके के श्रमिक हैं। उन्हें अपने जीवन रक्षक उपकरणों की मांग पर नौकरी से निकल तक दिया जाता है। इसलिए श्रम विभाग को कारखानों में नियमित सुरक्षा और स्वास्थ्य की जांच पड़ताल करनी चाहिए।

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