फरीदाबाद जिले में कांग्रेस द्वारा मनरेगा बचाओ–देश बचाओ अभियान के तहत चंडीगढ़ में आयोजित हरियाणा विधानसभा घेराव कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस नेता सुमित गौड़ और मनोज अग्रवाल को सुबह घर पर ही नजर बंद कर दिया गया। इस दौरान उनको घर से नही निलकने दिया गया और पुलिस के कर्मचारी घर के बाहर तैनात रहे।
चंडीगढ़ में आज हरियाण कांग्रेस के द्वारा हरियाणा विधानसभा का घेराव का कार्यक्रम आयोजित किया गया। हांलाकि पुलिस ने कांग्रेस के नेताओं को विधानसभा से पहले ही रोक लिया। फरीदाबाद में कांग्रेस के नेताओं को घर से सुबह 10 बजे तक निकलने नही दिया गया।
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सुमित गौड़ ने बताया कि विधानसभा के घेराव से एक दिन पहले ही उनको घर में नजरबंद कर दिया गया था। सुबह 10 बजे तक उनको पुलिस के कर्मचारियों के द्वारा घर से नही निकलने दिया गया। इसी तरह की बल्लभगढ़ में मनोज अग्रवाल को भी घर में ही नजर बंद कर लिया गया।
दोनों नेताओं ने कहा कि वो अपने साथियों के साथ मिलकर चंडीगढ़ में विधानसभा घेराव के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जाने वाले थे, किंतु उससे पहले ही उनके घर पर पुलिस बल तैनात कर उन्हें हाउस अरेस्ट कर दिया गया। उन्होंने कहा कि आम आदमी की आवाज और उसके दुख–तकलीफ की लड़ाई लड़ने से रोका जा रहा है।
उन्होंने कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों के विरुद्ध बताते हुए कहा कि भारत के संविधान के तहत प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार है। इस प्रकार की प्रशासनिक कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है और जनता की आवाज़ को दबाने का प्रयास प्रतीत होती है।
कांग्रेस पार्टी ने भी इस कार्रवाई पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को दबाना स्वस्थ परंपरा नहीं है और सरकार को संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए।

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