HEADLINES


More

पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में समर्पण दिवस संगोष्ठी कार्यक्रम

Posted by : pramod goyal on : Wednesday, 11 February 2026 0 comments
pramod goyal
//# Adsense Code Here #//

 फ़रीदाबाद11 फरवरी। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की पुण्यतिथि को “समर्पण दिवस” के रूप में मनाते हुए भारतीय जनता पार्टी फ़रीदाबाद द्वारा भाजपा ज़िला कार्यालय पर एक वैचारिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह संगोष्ठी भाजपा जिला अध्यक्ष पंकज पूजन रामपाल की अध्यक्षता में आयोजित हुईजिसमें पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में सहभागिता की।


कार्यक्रम में हरियाणा के पूर्व मंत्री श्री मनीष ग्रोवर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। भाजपा के सभी नेताओं व कार्यकर्ताओं ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। फ़रीदाबाद ज़िले के सभी बूथों पर कार्यकर्ताओं द्वारा समर्पण दिवस मनाया और पंडित दीनदयाल उपाध्याय को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की गई और गोष्ठियों का आयोजन किया गया ।

अपने संबोधन में श्री मनीष ग्रोवर ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन दर्शनएकात्म मानववादसामाजिक समरसता तथा संगठनात्मक सोच पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय केवल एक विचारक ही नहींबल्कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान के प्रेरणास्रोत थे। उन्होंने स्वदेशीआर्थिक स्वावलंबन और सामाजिक समरसता को राष्ट्र निर्माण का आधार बताया। उनकी विचारधारा अंत्योदय पर आधारित थीजिसमें समाज के हर वर्ग के कल्याण की भावना निहित है।

श्री मनीष ग्रोवर ने कहा कि स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के एकात्म मानववाद और अंत्योदय के दर्शन में निहित था। आज देश में मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र एवं नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश की भाजपा सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय के सिद्धांतों को आत्मसात करते हुए जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू कर रही हैं। पूर्व मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल जी ने अपने दस वर्षों के कार्यकाल में अंत्योदय को मूल मंत्र मानकर सरकार चलाई और अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलायुवाकिसान और गरीब वर्ग को सशक्त करने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा हैजो एकात्म मानववाद की सोच का जीवंत उदाहरण है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों से प्रेरित होकर ही वर्तमान में 'दीनदयाल अंत्योदय योजनाजैसी कई कल्याणकारी योजनाएं संचालित हैं।

No comments :

Leave a Reply