फरीदाबाद नगर निगम ने शहर में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। अब मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों से निकलने वाली पूज सामग्री को व्यवस्थित रूप से एकत्रित कर उसका वैज्ञानिक एवं पर्यावरण हितैषी तरीके से निस्तारण किया जाएगा।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पूजा के बाद फूलों और अन्य सामग्री को नालियों, जलाशयों या सामान्य कचरे में न फेंका जाए, जिससे गंदगी और जलभराव जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं।
नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने जानकारी दी कि यह योजना विक्टोरा लाइफ फाउंडेशन के सहयोग से शुरू की गई है। पहले चरण में शहर के प्रमुख मंदिरों और चयनित आवासीय सोसायटियों से निकलने वाले पूजन के फूलों को अलग से एकत्रित किया जाएगा। इसके लिए मंदिर परिसरों में विशेष संग्रहण व्यवस्था की जाएगी, ताकि पूज सामग्री सामान्य कचरे में न मिले।
नगर निगम ने मंदिर प्रबंधन समितियों, आरडब्ल्यूए और आवासीय सोसायटियों से अपील की है कि प्रयोग हो चुके पूजन के फूलों को सामान्य कचरे से अलग रखें। इसके लिए मंदिरों में अलग पात्र या डिब्बों की व्यवस्था की जाएगी, जिससे सामग्री को सीधे वैज्ञानिक प्रोसेसिंग के लिए भेजा जा सके।
अब तक पूजा के बाद फूल और अन्य सामग्री अक्सर नालियों या जलाशयों में फेंक दी जाती थी, जिससे जल निकासी बाधित होती थी और गंदगी फैलती थी। नई व्यवस्था लागू होने से नालियों में कचरा जमा नहीं होगा, जलभराव की समस्या कम होगी और शहर की सफाई व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
एकत्रित किए गए फूलों से कम्पोस्ट खाद, अगरबत्ती और अन्य पर्यावरण अनुकूल उत्पाद तैयार किए जाएंगे। इससे न केवल कचरे का सही उपयोग होगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, शहर के वातावरण में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।

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