फरीदाबाद में सरकार द्वारा संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों का उद्देश्य छोटे बच्चों को बेहतर पालन-पोषण, पौष्टिक आहार और प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराना है। लेकिन एनआईटी क्षेत्र से सामने आई एक घटना ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि एनआईटी क्षेत्र के एक आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को खराब और एक्सपायरी डेट की मूंगफली वितरित की जा रही है। लोगों का कहना है कि जब मूंगफली के पैकेट खोले गए तो उनमें कीड़े रेंगते हुए दिखाई दिए।
उनका आरोप है कि यह सीधे तौर पर बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। अभिभावकों का कहना है कि छोटे बच्चों को इस प्रकार का खराब खाद्य पदार्थ दिया जाना बेहद चिंताजनक है और इससे बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
स्थानीय निवासी सुमन और बिमला देवी ने बताया कि यह समस्या एक दिन की नहीं है। उनका कहना है कि कई बार आंगनबाड़ी केंद्र से जो मूंगफली या अन्य खाद्य सामग्री दी जाती है, उसकी गुणवत्ता पर सवाल उठते रहे हैं।
उन्होंने बताया कि कई पैकेटों की एक्सपायरी डेट निकल चुकी होती है और उनमें कीड़े पाए जाते हैं। ऐसी स्थिति में अभिभावकों को मजबूरन वह सामान कूड़ेदान में फेंकना पड़ता है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारी समय-समय पर केंद्रों का निरीक्षण नहीं करते, जिससे कार्यकर्ताओं की जवाबदेही तय नहीं हो पाती।
उनका कहना है कि सरकार की ओर से अच्छा और पौष्टिक राशन भेजा जाता है, लेकिन स्थानीय स्तर पर निगरानी की कमी के कारण लापरवाही हो रही है। साथ ही यह भी आरोप है कि संबंधित आंगनबाड़ी केंद्र नियमित रूप से नहीं खुलता, जिससे बच्चों की पढ़ाई और पोषण दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
मामले को लेकर स्थानीय लोगों ने महिला एवं बाल विकास विभाग से औचक निरीक्षण कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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