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राजनीतिक उपेक्षा के कारण सफाई मजदूर गरीबी बेबसी की जिन्दगी जीने को मजबूर :- नरेश शास्त्री

Posted by : pramod goyal on : Thursday, 26 February 2026 0 comments
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 चंडीगढ़, 26 फरवरी ।

  पिछले 3 दशकों से राजनीतिक उपेक्षा का दंस झेल रहे सफाई कर्मचारियों को क्या विधानसभा सत्र में राजनीतिक अभिशाप से मुक्ति मिलेगी यह सवाल सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा व नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान एवं जो सफाई कर्मचारी कामगार संघर्ष समिति के राज्य कन्वीनर ने हरियाणा सरकार से किया है। शास्त्री ने हरियाणा सरकार पर सफाई कर्मचारि

यों के शोषण के आरोप लगाते हुए कहा कि सफाई कर्मी राजनीतिक उपेक्षा के कारण  सफाई मजदूर गरीबी बेबसी की जिन्दगी जीने को  मजबूर  हैं,13 वर्ष के कार्यकाल में सरकार ने  सफाई एवं सीवर कर्मचारियों को पक्की नौकरी से बेदखल कर ठेकेदारों का बंधुआ मजदूर बना दिया है।
 उन्होंने कहा कि सरकार बताये की  13 वर्षों में सफाई कर्मचारियों की नियमित भर्ती करने में कौनसी कानूनी अड़चन हैं। सफाई कर्मचारियों के प्रति सरकार का यह रुकन व्यवहार पूर्ण रूप से दलित विरोधी साबित हुआ है।
प्रेस को बयान जारी करते हुए सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा व नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान एवं सफाई कामगार संघर्ष समिति के कन्वीनर नरेश कुमार शास्त्री व ग्रामीण सफाई कर्मचारी के महासचिव एवं समिति के सह कन्वीनर विनोद कुमार ने कहा कि प्रदेश का सफाई कर्मचारी अब संखित एवं लाभ बंद हो गया है और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने की शुरुआत कर दी है विगत दिनों 9 नवंबर को कुरुक्षेत्र में विशाल रैली कर मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने के बाद सफाई कर्मचारी आंदोलन की राह पर है आज दक्षिणी हरियाणा के फरीदाबाद गुरुग्राम नूहू पलवल भिवानी महेंद्रगढ़ नारनौल एवं दादरी में सफाई संघर्ष समिति के आह्वान पर सैकड़ो सफाई कर्मचारियों ने उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेज कर सफाई कर्मचारियों को न्याय प्रदान करने की मांग की है। प्रदर्शनों का क्रम 27 व 28 फरवरी को भी जारी रहेगा । इन प्रदर्शनों के बाद सफाई संघर्ष समिति विभिन्न सफाई कर्मचारी संगठन ऑन के साथ बैठकर आगामी आंदोलन की रणनीति भी बनाएगी। उन्होंने कहा किवर्तमान में सरकारी, अर्द्ध सरकारी, निगम, बोर्ड, पालिका,परिषद, नगर निगम, कॉरपोरेशन ग्रामीण कच्चे  सफाई कर्मचारियों की कुल संख्या 67  हजार है,  हरियाणा की आबादी 3 करोड़ है 400 की आबादी पर एक सफाई कर्मचारी के अनुपात में 1 लाख,20हजार सफाई कर्मचारियों व 25 हजार सीवर मैनो की आवश्यकता है। हरियाणा का सफाई कर्मचारी शीतकालीन विधानसभा सत्र सरकार से सफाई कर्मचारियों की प्रमुख मांग ठेकेदारी से मुक्ति नए पदों का सृजन रिक्त पदों पर नियम अनुसार नियमित भर्ती सभी विभागों की पार्ट टाइम दैनिक वेतन भोगी विभिन्न प्रकार के ठेकों में लगे एवं हरियाणा कौशल रोजगार निगम के सफाई सेवा कर्मचारी को पक्का करने न्यूनतम वेतन 30000 रुपए देने जैसी मांगों के समाधान करने की मांग करता है यदि सरकार ने सफाई कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं किया तो हरियाणा में सफाई कर्मचारियों द्वारा  गुलामी से मुक्ति मौलिक अधिकारों की प्राप्ति आर्थिक सामाजिक बराबरी की लड़ाई लड़ेगा ।

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