हरियाणा के जिलों की प्रति व्यक्ति आय के ताजा आंकड़ों ने प्रदेश के आर्थिक विकास की असल तस्वीर सामने ला दी है। राज्य में आर्थिक प्रगति की रफ्तार एक समान नहीं है। जहां औद्योगिक और शहरी जिलों में प्रति व्यक्ति आय तेजी से बढ़ी है, वहीं कई जिलों में विकास की गति अपेक्षाकृत धीमी बनी हुई है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार गुरुग्राम 6,81,085 रुपये की प्रति व्यक्ति आय के साथ प्रदेश का सबसे समृद्ध जिला बनकर उभरा है, जबकि नूंह 68,848 रुपये के साथ सबसे पीछे है। यह अंतर प्रदेश में औद्योगिक विकास, निवेश, शहरीकरण और रोजगार के अवसरों के असमान वितरण को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
आर्थिक मामलों के जानकार डॉ रामजीलाल का मानना है कि इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि जिन जिलों में उद्योग, सेवा क्षेत्र और बुनियादी ढांचे का विस्तार हुआ है, वहां आय में तेजी आई है, जबकि ग्रामीण और कम विकसित क्षेत्रों में आर्थिक अवसर सीमित रहने से आय वृद्धि धीमी रही है।
आंकड़ों के अनुसार गुरुग्राम सबसे अधिक आय वाला जिला है। आईटी उद्योग, कॉरपोरेट सेक्टर, रियल एस्टेट और बहुराष्ट्रीय कंपनियों की मौजूदगी ने जिले की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाया है। इसके बाद फरीदाबाद 3,28,083 रुपये के साथ दूसरे स्थान पर है, जहां औद्योगिक इकाइयों और विनिर्माण क्षेत्र का बड़ा योगदान रहा है।
तीसरे स्थान पर पानीपत (2,81,365 रुपये) है, जो टेक्सटाइल उद्योग, रिफाइनरी और निर्यात आधारित व्यापार के लिए जाना जाता है। वहीं पंचकूला (2,42,541 रुपये) और अंबाला (1,97,256 रुपये) भी उच्च आय वाले जिलों में शामिल हैं। इन जिलों में व्यापार, सेवा क्षेत्र और बेहतर शहरी सुविधाओं ने आय स्तर को ऊपर उठाया है।
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